अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जागरूकता पोस्टर का विमोचन, बुजुर्गों को स्वस्थ, सम्मानजनक और सक्रिय जीवन देने पर जोर

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जयपुर। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर के वृद्धावस्था चिकित्सा विभाग की ओर से बुजुर्गों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष पोस्टर तैयार किया गया। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, श्री बाबूलाल गोयल ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. जगदीश चन्द्र मोदी की मौजूदगी में इस पोस्टर का विमोचन किया। इस साल अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की थीम “द एज ऑफ़ लोंजविटी : रीथिंकिंग सिस्टम्स फ़ॉर लोंगर लाइव्स ” है। इसका मतलब है कि लोगों की उम्र बढ़ रही है, इसलिए बुजुर्गों की बदलती जरूरतों के हिसाब से स्वास्थ्य, देखभाल और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने की जरूरत है। पोस्टर के जरिए यह संदेश दिया गया है कि सिर्फ लंबी उम्र पाना ही पर्याप्त नहीं है। बुजुर्गों को स्वस्थ रहने, सम्मान के साथ जीवन जीने, अपने फैसले खुद लेने, सुरक्षित रहने और परिवार व समाज के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने का अवसर भी मिलना चाहिए। पोस्टर में बुजुर्गों के लिए तीन प्रमुख बातों पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है—विकास में उनकी भागीदारी, अच्छा स्वास्थ्य और सहयोगी माहौल। बुजुर्गों के अनुभव और ज्ञान का लाभ समाज को मिले तथा वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहें, इस दिशा में भी काम करने पर जोर दिया गया है। बुजुर्गों के लिए समय पर और आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होना, बीमारियों से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना और लंबे समय से चल रही बीमारियों का सही इलाज जरूरी है। इसके साथ ही उनके लिए सुरक्षित घर, आने-जाने की सुविधाएं और देखभाल करने वाले परिवारजनों को सहयोग मिलना भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्गों के साथ उम्र के आधार पर भेदभाव और दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने कहा कि बुजुर्गों की अच्छी देखभाल केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, समाज, सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। बुजुर्गों को समाज पर बोझ नहीं, बल्कि अपने अनुभव और ज्ञान से समाज को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में देखना चाहिए। पोस्टर एसएमएस मेडिकल कॉलेज के वृद्धावस्था चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मी कान्त गोयल एवं प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. दीपक माहेश्वरी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया।

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