नीति आयोग ने शुरू किया ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’, मौजूदा कैंपेन के तहत हुआ 4,100 से अधिक जन शिकायतों का निपटारा

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नई दिल्ली। नीति आयोग ने केंद्र सरकार के विशेष अभियान 5.0 के तहत 4,100 से अधिक जन शिकायतों का निपटारा करने के बाद अब ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ की शुरुआत की है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता एवं बेहतर कार्यस्थल प्रबंधन को बढ़ावा देना है। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा चलाए गए विशेष अभियान 5.0 का हिस्सा था, जिसे नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच लागू किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के साथ-साथ स्वच्छ कार्यालय संस्कृति को संस्थागत रूप देना था। सरकारी बयान के अनुसार, इस अभियान में नीति आयोग के साथ उसकी सहयोगी संस्थाओं डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ), अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट (एनआईएलईआरडी) ने भी भाग लिया। अभियान के दौरान नीति आयोग ने 4,105 जन शिकायतों, 127 पीएमओ संदर्भों, 34 लोक शिकायत अपीलों और पांच संसदीय आश्वासनों का निपटारा किया। सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जन शिकायतों, संसदीय मामलों और अन्य लंबित संदर्भों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करना था।
अभियान के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालयों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पुराने रिकॉर्ड और अनावश्यक फाइलों को हटाने तथा बेहतर स्पेस मैनेजमेंट के माध्यम से लगभग 90 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया। इसके अलावा, कबाड़ सामग्री की बिक्री से करीब 1.97 लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ।
बयान के अनुसार, डीएआरपीजी ने वर्ष 2021 में इस विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही, प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता को बढ़ावा देना था। तब से यह कार्यक्रम हर वर्ष चलाया जा रहा है।
स्पेशल कैंपेन 5.0 की सफलता के बाद अब नीति आयोग स्पेशल कैंपेन 6.0 की तैयारी कर रहा है। सरकार के अनुसार, नए चरण में सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों से प्राप्त प्रस्ताव, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ, जन शिकायतें और शिकायत अपीलों के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
साथ ही अनावश्यक और अप्रासंगिक फाइलों तथा दस्तावेजों को हटाने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार ने कहा कि इस बार कार्यालयों की समग्र स्वच्छता, स्थान प्रबंधन और फील्ड कार्यालयों में कर्मचारियों के कार्य अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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