भारत में Galaxy Watch की हेल्थ टेक्नोलॉजी को बेहतर बना रहे Samsung के नोएडा इंजीनियर्स

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गुरुग्राम : सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट-नोएडा (एसआरआई-एन) गैलेक्सी वॉच9 और गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा2 में हेल्थ एवं वेलनेस से जुड़े फीचर्स बनाने में मदद कर रहा है। इसके साथ ही, वह भारत के मौसम और माहौल के हिसाब से घड़ी के सॉफ्टवेयर की जांच भी कर रहा है। एसआरआई-एन ऐसी सुविधाओं पर भी काम करता है जो सैमसंग हेल्थ को भारत के डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ती हैं, जो सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के साथ मिलकर काम करती हैं।

सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्टर, क्यूंगयुन रू ने कहा, “डिजिटल हेल्थ और घड़ी से जुड़े फीचर्स हमारी प्राथमिकता हैं। पिछले तीन से चार सालों में, हमने खास तौर पर भारत के लिए कई सेवाएं शुरू की हैं।”

एसआरआई-एन की स्‍थापना 2007 में हुई थी। यह सैमसंग की दुनिया भर की रिसर्च टीमों के साथ मिलकर गैलेक्सी मोबाइल डिवाइसों, स्मार्टवॉच, टैबलेट और सॉफ्टवेयर बनाने का काम करता है। गैलेक्सी वॉच इस्तेमाल करने वालों के लिए, भारत में किया गया यह काम सेंसर से मिले डेटा को समझकर सैमसंग हेल्थ ऐप के ज़रिए हेल्‍थ एवं वेलनेस से जुड़ी आसान जानकारियां देता है।

सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट-नोएडा के सर्विस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट, डॉ. अमिताभ थपलियाल ने कहा, “हमारा सिस्टम स्मार्टवॉच के डेटा को स्मार्टफोन से जोड़ता है। यह आपकी दिनभर की एक्टिविटी, नींद, खान-पान, मानसिक शांति और सेहत के जरूरी संकेतों पर नज़र रखने में मदद करता है। हम सेहत पर नज़र रखने वाले ऐसे ऐप्स भी बनाते हैं जो तंदुरुस्ती और बीमारियों से बचाव पर ध्यान देते हैं।”

भारत में रिसर्च और टेस्टिंग
नोएडा सेंटर का काम गैलेक्सी वॉच9 और गैलेक्सी वॉच अल्ट्रा2 के खास फीचर्स में योगदान देना है, जैसे कि वाइटल ट्रैकर, डेली कार्डियो लोड, हियरिंग हेल्थ और ट्रेल रनिंग।

वाइटल ट्रैकर सोते समय दिल की धड़कन, धड़कनों में होने वाला बदलाव (हार्ट-रेट वेरिएबिलिटी), त्वचा का तापमान, सांस लेने की गति और खून में ऑक्सीजन का स्तर मापता है। जब ये माप इंसान के सामान्य स्तर से बाहर जाते हैं, तो यह सिस्टम इसके कारण बताता है और सलाह भी देता है। डेली कार्डियो लोड आपकी एक्टिविटी और आराम के डेटा (जिसमें नींद भी शामिल है) को जोड़ता है, ताकि आपको वर्कशॉट की तीव्रता की सटीक जानकारी मिल सके ट्रेल रनिंग फीचर पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते समय सही दिशा और चढ़ाई को समझने में मदद करता है। वहीं, हाइड्रेशन अलर्ट पसीने के हिसाब से आपको समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाता है।

लेकिन भारत में एसआरआई-एन का काम सिर्फ इन फीचर्स के लिए सॉफ्टवेयर बनाना ही नहीं है। यह केंद्र देश के माहौल में सॉफ्टवेयर की जांच करता है ताकि ऐसी कमियों को पकड़ा जा सके जो दूसरे देशों में सामने नहीं आतीं। इसका एक उदाहरण ऑटो-साइकिल डिटेक्ट फीचर था। भारत में टेस्टिंग के दौरान, ऑटो-रिक्शा के झटकों और ऊबड़-खाबड़ सड़कों की वजह से वॉच ने इसे साइकिल चलाना समझ लिया था। भारतीय इंजीनियरों ने इस गलती की जांच की और सॉफ्टवेयर के काम करने के तरीके यानी एल्गोरिदम को ठीक किया।

डॉ. थपलियाल ने कहा, “जब हम अपने सॉल्‍यूशंस बनाते हैं, तो हम अलग-अलग उम्र के लोगों और इलाकों की आदतों का ध्यान रखते हैं, ताकि हमारा सॉफ्टवेयर सबकी ज़रूरतों को पूरा कर सके।” भारत में किया गया यह काम सैमसंग के दुनिया भर के प्रोडक्ट्स में भी काम आया है। उन्होंने आगे कहा, “भारत में हमारे इंजीनियरों ने सेंसर तकनीक को और बेहतर बनाया, और इन सुधारों को दुनिया भर में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स में शामिल किया गया।” इससे एसआरआई-एन को दोहरी भूमिका मिलती है: सैमसंग के वैश्विक प्रोडक्ट्स के लिए तकनीक बनाना और साथ ही भारत के माहौल और आदतों के हिसाब से उसकी जांच करना।

खास भारत के लिए बनाया गया
इस सेंटर ने सैमसंग हेल्थ ऐप के ज़रिए भारत के लिए एक खास डिजिटल हेल्थ सिस्टम तैयार किया है। इसके कामों में शामिल हैं – एका केयर के साथ मिलकर एबीडीएम कॉम्‍प्‍लाएंट डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाना। टाटा 1एमजी के साथ मेडिकेशन ट्रैकिंग बनाना और टाटा 1एमजी और फार्मईज़ी के साथ मिलकर फाइंड केयर सेवा शुरू करना, जिससे डॉक्टर से सलाह, दवाएं मंगाना और लैब टेस्ट बुक करना आसान हो जाता है।

एबीडीएम के साथ यह जुड़ाव इसलिए बनाया गया है ताकि लोगों का अपने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर पूरा नियंत्रण रहे। यूजर की मंज़ूरी मिलने पर, इन हेल्थ रिकॉर्ड्स को एबीडीएम से जुड़े डॉक्टरों और अस्पतालों के साथ साझा किया जा सकता है। फाइंड केयर सेवा सैमसंग हेल्थ ऐप के अंदर ही डॉक्टर की सलाह, प्रिस्क्रिप्शन, दवा ऑर्डर करने और टेस्ट कराने की सुविधा को एक साथ जोड़ती है।

मसलन, डॉक्टर की सलाह से एक डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन बनता है। सैमसंग हेल्थ ऐप एआई की मदद से उस प्रिस्क्रिप्शन से दवा की जानकारी निकालता है और उसे मेडिकेशन ट्रैकर में जोड़ देता है। यह जानकारी यूजर के रिकॉर्ड में और एबीडीएम से जुड़े होने के कारण यूजर के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) में सुरक्षित रखी जा सकती है। इसके अलावा, दवाओं का समय और अलर्ट आपकी गैलेक्सी वॉच पर भी मिलते रहते हैं।

डॉ. थपलियाल ने कहा, “सैमसंग हेल्थ ऐप में मौजूद फाइंड केयर सेवा इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाती है। इसकी मदद से लोग सीधे प्‍लेटफॉर्म के ज़रिए ही डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं।”

सैमसंग का मुख्य ध्यान सेहत के डेटा का इस्तेमाल करके लोगों को ऐसी व्यक्तिगत सलाह देना है, जिससे वे अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख सकें। यह तरीका एसआरआई-एन के सॉफ्टवेयर से जुड़े रिसर्च के काम को दिखाता है। डॉ. थपलियाल ने कहा, “हम ऐसी पर्सनलाइज्ड इंटेलिजेंस पर काम कर रहे हैं जो लोगों को अपनी सेहत और तंदुरुस्ती सुधारने में मदद करती है।”

एसआरआई-एल के लिए यह काम यह दिखाता है कि भारत में की गई रिसर्च सैमसंग के दुनिया भर के प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने के साथ-साथ भारत के लोगों की खास ज़रूरतों को भी पूरा कर सकती है। क्यूंगयुन रू ने कहा, “हम भारत के बेहतरीन टैलेंट को पहचानते हैं और सैमसंग हेल्थ व एआई के क्षेत्र में इसका पूरा इस्तेमाल करना चाहते हैं।”

इसलिए, सैमसंग के लिए भारत का योगदान कई स्तरों पर काम करता है। इंजीनियर दुनिया भर के गैलेक्सी प्रोडक्ट्स के लिए हेल्थ सॉफ्टवेयर बनाते हैं। स्थानीय टेस्टिंग करने से ऐसी चीज़ें सामने आती हैं जो दुनिया भर के एल्गोरिदम को बेहतर बनाती हैं। साथ ही भारत के लिए खास बनाई गई सेवाएं सैमसंग हेल्थ को देश के डिजिटल हेल्थकेयर सिस्टम से जोड़ती हैं। इन सब के केंद्र में गैलेक्सी वॉच है जो सेहत से जुड़े संकेतों को दर्ज करती है, आपके काम की आसान जानकारियां देती है और सेहत के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ सही कदम उठाने में भी आपकी मदद करती है।

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