विजयवाड़ा/विशाखापटनम । सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से आंध्र प्रदेश में जरूरतमंदों और कमजोर वर्गों के लिए ‘एनटीआर भरोसा पेंशन योजना’ एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस कार्यक्रम का मकसद बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं जैसे विभिन्न श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में नियमित पेंशन पहुंचाना है। सरकार इस पूरी व्यवस्था को बिचौलियों से मुक्त रखकर पूरी पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतार रही है।
पेयजल और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने के लिए केंद्र सरकार की फ्लैगशिप ‘जल जीवन मिशन’ योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से साफ और पर्याप्त पानी मुहैया कराना है। राज्य और केंद्र के बेहतर तालमेल की वजह से उन इलाकों तक भी पानी पहुंचने लगा है, जहां सालों से जल संकट था।
मौसम की अनिश्चितता और कृषि जोखिम से बचाव के लिए कृष्णा जिले के गन्नवरम में ‘स्टेट एल नीनो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ स्थापित किया गया है। यह सेंटर सैटेलाइट डेटा और 15 दिनों के अग्रिम बारिश पूर्वानुमान की मदद से संभावित सूखे वाले क्षेत्रों की पहचान करता है। इतना ही नहीं, किसान भाई टोल-फ्री नंबर 155251 पर कॉल करके फसलों से जुड़ी सीधी तकनीकी सलाह और सहायता ले सकते हैं।
कृषि और किसान कल्याण की बात करें तो पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की वार्षिक राशि के साथ राज्य सरकार ने अपनी ‘अन्नदाता सुखीभव’ योजना को जोड़ दिया है। इससे किसानों को सीधे वित्तीय राहत मिल रही है और उनकी खेती की लागत का बोझ काफी हद तक कम हो रहा है।
इसी तरह ग्रामीण रोजगार, आजीविका और पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र और राज्य की मशीनरी एक साथ मिलकर काम कर रही है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं के जरिए गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए मौके पैदा किए जा रहे हैं।



