श्रीगंगानगर। आईजीएनपी की अनूपगढ़ शाखा से जुड़े किसानों की सिंचाई एवं फसल खराबे से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर मंगलवार को जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने घड़साना और अनूपगढ़ में किसानों से वार्ता की। दोपहर में घड़साना और शाम को अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय में किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित वार्ता में जिला कलक्टर ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्थान सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के समय आवश्यक सहयोग एवं राहत उपलब्ध हो तथा फसल खराबे और बीमा से जुड़े प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण किया जाए।
वार्ता के दौरान किसानों ने खरीफ फसलों के लिए सिंचाई पानी की कमी, फसल खराबे, विशेष गिरदावरी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम तथा आगामी सिंचाई रेगुलेशन से संबंधित विभिन्न मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से रखी गई मांगों एवं समस्याओं को राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों के उच्च स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाया गया है। सिंचाई व्यवस्था, फसल खराबे, विशेष गिरदावरी एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया अपनाते हुए किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला कलक्टर ने किसानों को आश्वस्त किया कि किसानों के हितों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी सोच के अनुरूप जिला प्रशासन किसानों के साथ संवाद और समन्वय के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वार्ता में अनूपगढ़ एडीएम अशोक सांगवा, किसान प्रतिनिधिमंडल से श्योपत मेघवाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
वार्ता समाप्ति के बाद जिला कलक्टर ने बताया कि घड़साना में पिछले 13 दिनों से चल रहे धरने और अनूपगढ़ में एडीएम दफ्तर के बाहर किसानों के महापड़ाव को ध्यान में रखते हुए किसान संगठनों से विस्तार से बिंदुवार चर्चा की गई है। किसानों द्वारा रखी गई मांगों में से फसल खराबे और क्रॉप कटिंग का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट तुरंत राज्य स्तर पर भेजी जा रही है ताकि किसानों को राहत मिल सके। वहीं, नहरों के रेगुलेशन और जल बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि बीबीएमबी की बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में जल परामर्शदात्री समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाता है। जैसे ही जल आवंटन की स्थिति स्पष्ट होगी, इस समिति की बैठक शीघ्र आहूत की जाएगी।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी से संबंधित किसानों की मांग पर जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यह नीतिगत निर्णय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। किसानों की भावनाओं और इस बिंदु की विस्तृत रिपोर्ट उच्च स्तर को प्रेषित की जाएगी। बीमा क्लेम में सर्वे की विसंगतियों पर उन्होंने कहा कि कंपनी, राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें नियमानुसार काम करती हैं। आपत्ति होने पर समीक्षा कमेटी में अपील करने का अधिकार किसान को है।



