चित्तौड़गढ़। जलझूलनी एकादशी मेले की सांस्कृतिक संध्या मनोरंजन के साथ सामाजिक सरोकारों का संदेश लेकर आई। मण्डफिया बाईपास स्थित रेफरल चिकित्सालय के समीप आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए ख्यातनाम कवियों ने हास्य, व्यंग्य, गीत, भक्ति और देशभक्ति की रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। मंच से मोबाइल के बढ़ते प्रभाव, नशे की प्रवृत्ति, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से उठाया गया। वहीं मेला ग्राउंड के विभिन्न रंगमंचों पर भक्ति संगीत, नृत्य और कॉमेडी की प्रस्तुतियों ने मेले की रौनक बढ़ाई। रात्रि में शुरू हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम शैलेश लोढ़ा, संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक, शंभू शिखर, जानी बैरागी, राम भदावर, मोनिका हटीला, हीरामणि वैष्णव, चेतन चर्चित, लक्ष्मण नेपाली, लकी जारौली एवं शशिकांत यादव ने काव्य पाठ किया। हास्य-व्यंग्य से लेकर भक्ति, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों तक विविध विषयों पर प्रस्तुतियों ने पांडाल में मौजूद श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से वातावरण गूंजता रहा।
शैलेश लोढ़ा की प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र
कवि सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण शैलेश लोढ़ा ने अपनी विशिष्ट शैली में हास्य और संवेदनाओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हास्य के साथ भावनाओं का समावेश उनकी प्रस्तुति की खासियत रहा। मोनिका हटीला ने सरस्वती वंदना से कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। “मां तू विचार दे, प्यार दे, दुलार दे…” जैसी भावपूर्ण पंक्तियों से उन्होंने वातावरण को भक्तिमय बनाया। इसके बाद उन्होंने अपनी अन्य काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। संजय झाला ने चुटीले हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं का मनोरंजन किया, जबकि भुवन मोहिनी ने भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को भावनाओं से जोड़ा। शंभू शिखर की हास्य एवं व्यंग्यप्रधान कविताओं पर खूब ठहाके गूंजे। जानी बैरागी ने हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश दिया। राम भदावर ने ओजपूर्ण काव्य रचनाओं से श्रोताओं में उत्साह का संचार किया।
हीरामणि वैष्णव ने छत्तीसगढ़ की माटी, प्रकृति और भक्ति भाव से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। “राधे-राधे बोल रहे धरती और गगन, सांवरिया जी के चरणों में शत-शत वंदन” जैसी भावपूर्ण पंक्तियों से उन्होंने सांवरिया जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। चेतन चर्चित ने हास्य, व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुतियां दीं। लक्ष्मण नेपाली ने मां के स्नेह, ममता और त्याग को केंद्र में रखते हुए भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। लकी जारौली ने अपनी काव्य शैली से कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भरा। शशिकांत यादव ने प्रभावी मंच संचालन करते हुए कवियों की प्रस्तुतियों को क्रमबद्ध रूप से मंच से जोड़ा। उनकी संचालन शैली ने कार्यक्रम को रोचक और जीवंत बनाए रखा।
दीपक पारीक के व्यंग्यों ने गुदगुदाया, शिक्षा व्यवस्था पर कडे प्रहार
दीपक पारीक ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते तनाव और बच्चों पर अच्छे प्रदर्शन के दबाव को अपनी व्यंग्य रचनाओं का केंद्र बनाया। उन्होंने 33 प्रतिशत अंक को लेकर संतुष्टि और 95 प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद भी अपेक्षाओं के दबाव में असंतोष झेल रहे विद्यार्थियों के बीच के अंतर को अपने खास अंदाज में सामने रखा। उन्होंने परीक्षा परिणामों और अभिभावकीय अपेक्षाओं के बढ़ते दबाव के बीच सामने आने वाले आत्महत्या के दुखद प्रकरणों की ओर भी संकेत करते हुए यह संदेश दिया कि बच्चों की सफलता को केवल अंकों के पैमाने पर नहीं देखा जाना चाहिए। मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और कम उम्र में बच्चों को मोबाइल देने की प्रवृत्ति पर भी उन्होंने व्यंग्य किया। गंभीर सामाजिक विषयों को हास्य के माध्यम से प्रस्तुत करने पर श्रोताओं ने ठहाकों और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। आमजन की मांग पर उन्होंने ‘भेरू’ से जुड़ी कविता भी सुनाई।
मंदिर मंडल ने किया कवियों का सम्मान
कवि सम्मेलन के दौरान सांवरिया जी मंदिर मंडल की ओर से सभी आमंत्रित कवियों का स्वागत-अभिनंदन किया गया। कवियों को भगवान सांवरिया सेठ का प्रसाद भेंट करने के साथ उपरना पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या, मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मंदिर मंडल के सीईओ दिनेश धाकड़ सहित मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु और श्रोता मौजूद रहे।
नितिन बागवान के भजनों से भक्तिमय हुआ मीरा रंगमंच
मीरा रंगमंच पर रात्रि 9 बजे से आयोजित भजन संध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले भजन गायक नितिन बागवान एवं कृतिका मालवीय ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। सांवरिया सेठ की भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। तालियों की गूंज के बीच कलाकारों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रखा। रात्रि 1 बजे जय श्री राधे ग्रुप ने भजन संध्या प्रस्तुत की। भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुतियों से मीरा रंगमंच सहित पूरे मेला परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
गोवर्धन रंगमंच पर कॉमेडी और नृत्य की रही धूम
गोवर्धन रंगमंच पर रात्रि 9 बजे नेहा शिल्पी सोनी एवं सनी अलबेला ने कॉमेडी और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। इसके बाद रात्रि 1 बजे चिराग राजस्थानी डांस ग्रुप ने नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता के रंग मंच पर जीवंत कर दिए। देर रात तक दर्शक कार्यक्रमों से जुड़े रहे।



