अजमेर। अजमेर जिले के अरांई थाना क्षेत्र के छोटालांबा गांव में हुई महिला के ब्लाइंड मर्डर के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। ज्वार के खेत में आपत्तिजनक हालत में देखकर टोकने पर आरोपी और उसकी नाबालिग साथी ने बदनामी के डर से महिला की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शंकरलाल बैरवा (25) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल एक नाबालिग बालिका को निरुद्ध किया है।
कुएं में मिला था महिला का शव, गले पर थे कसने के निशान
घटनाक्रम के अनुसार गुरुवार को अरांई पुलिस को सूचना मिली कि बोराड़ा रोड स्थित एक कुएं में महिला का शव तैर रहा है। ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान छोटालांबा निवासी सोनी देवी (38) पत्नी बजरंग लाल बैरवा के रूप में हुई। मृतका के गले पर ओढ़नी का फंदा कसने और सिर पर चोट के निशान मिलने से मामला हत्या का प्रतीत हुआ। राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय किशनगढ़ में मेडिकल बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने गला घोंटने से मौत की पुष्टि की। इसके बाद मृतका के पति की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।]
संदिग्ध हरकतों और गले के निशान से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि, एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला और एएसपी ग्रामीण लालचंद कायल के निर्देश पर सीओ किशनगढ़ आयुष वशिष्ठ के सुपरविजन में थानाधिकारी राजमल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने जब आसपास के खेतों में काम करने वाले लोगों से पूछताछ की, तो स्थानीय निवासी शंकरलाल बैरवा घबरा गया और मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने लगा। गहनता से निरीक्षण करने पर पुलिस की नजर शंकर के गले पर बने झपट्टे (खरोंच) के निशानों पर पड़ी। सही जवाब न दे पाने पर जब मनोवैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बदनामी के डर से की हत्या, शव कुएं में फेंका
पूछताछ में सामने आया कि बुधवार 2 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे आरोपी शंकरलाल बैरवा बाड़े के पास अपने ज्वार के खेत में एक पूर्व परिचित नाबालिग बालिका के साथ मौजूद था। इसी दौरान पास के खेत से पशुओं के लिए चारा लेकर गुजर रही सोनी देवी ने उन्हें इस स्थिति में देख लिया और डांट-डपट की।
बदनामी होने के डर से दोनों ने मिलकर ज्वार के खेत में ही सोनी देवी की ओढ़नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने बालिका को घर भेज दिया और अंधेरा होने पर शव को पास के कुएं में फेंक दिया। खुद को निर्दोष साबित करने के लिए शातिर आरोपी दिनभर परिजनों के साथ मिलकर मृतका की तलाश करने का नाटक करता रहा। हालांकि शव मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से वह गांव छोड़कर भागने की फिराक में था, लेकिन अरांई, बोराड़ा, किशनगढ़ और बांदरसिंदरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से कानून के शिकंजे में आ गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से अग्रिम अनुसंधान कर रही है।


