राजस्थान में मानसून ब्रेक खत्म होने के आसार, सात तक कई संभागों में बरसेंगे बादल

ram

जयपुर। राजस्थान में पिछले चार दिनों से थमा मानसून अब फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में मानसून ब्रेक का दौर बुधवार से खत्म होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार और गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बीते चार दिनों से प्रदेश के किसी भी जिले में उल्लेखनीय बारिश नहीं हुई है। सितंबर का पहला दिन भी पूरी तरह सूखा रहा। बारिश नहीं होने के कारण दिन के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी होने लगी है और प्रदेश के कई शहरों में पारा 34 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में श्रीगंगानगर में सर्वाधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई शहरों में भी तापमान 34 से 39 डिग्री के बीच रहा।

लगातार बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है। अब मौसम में बदलाव के साथ लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद है।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र फिलहाल उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के आसपास बना हुआ है। इसके आगामी 24 घंटों में धीरे-धीरे उत्तरी ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है।

इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा जम्मू, चंडीगढ़, शाहजहांपुर और वाराणसी से होते हुए निम्न दबाव क्षेत्र के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से राजस्थान में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।

इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश भी हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिन राजस्थान के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

फिलहाल बुधवार और गुरुवार को पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश या बूंदाबांदी से शुरुआत होने के संकेत हैं। इसके बाद 4 सितंबर से मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं। ऐसे में सूखे दौर के बाद एक बार फिर बादलों की आवाजाही, मेघगर्जन और बारिश का दौर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *