किम जोंग ने दिया बातचीत के प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब: ट्रंप

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले तीन दिनों से जो कह-सुन रहे हैं वो नॉर्थ कोरिया के प्रति ‘सॉफ्ट अप्रोच’ की मुनादी करता है। अब उन्होंने दावा किया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का जवाब दिया है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया किम ने कब और किस माध्यम से उनसे संपर्क किया या दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बातचीत “बहुत सकारात्मक” रही। सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि किम ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का अब तक जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने पलटकर कहा, ‘‘आपको कैसे पता कि उन्होंने जवाब नहीं दिया?’’ इसके बाद उन्होंने पुष्टि की कि किम ने जवाब दिया है। ट्रंप ने किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किम ने उनके साथ हमेशा ‘‘बहुत सम्मान’’ के साथ व्यवहार किया है। ट्रंप ने कहा कि वह किम को समझते हैं और किम भी उन्हें समझते हैं।
ट्रंप और किम के बीच उनके पहले कार्यकाल के दौरान तीन आमने-सामने मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों की पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद फरवरी 2019 में हनोई और जून 2019 में दोनों नेताओं की पनमुनजोम में मुलाकात हुई थी।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार किम का यह कथित जवाब ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ‘‘काफी कमी’’ करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने इसे उत्तर कोरिया के साथ फिर से संवाद शुरू करने की दिशा में एक अहम संकेत के तौर पर पेश किया है। प्योंगयांग लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है।
ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को ‘‘काफी कम’’ करने का निर्देश दिया है। उनका कहना था कि ये अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को ‘‘अनुचित और शत्रुतापूर्ण’’ संकेत देते हैं। ट्रंप ने अपने और किम के ‘‘बहुत अच्छे संबंधों’’ का हवाला देते हुए कहा कि वह ऐसे अभ्यासों से खुश नहीं हैं।
ट्रंप ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा को कमजोर करना नहीं, बल्कि स्थिति को “और सुरक्षित” बनाना है। उन्होंने दक्षिण कोरिया में तैनात करीब 39,000 अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है।
उधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ ‘‘बिना किसी पूर्व शर्त’’ के बातचीत के लिए तैयार है। विभाग ने कहा कि ट्रंप ने यह रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से ट्रंप के कथित प्रस्ताव या जवाब की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
ट्रंप के ताजा बयान से 2018-19 की उनकी व्यक्तिगत कूटनीति को फिर से सक्रिय करने की संभावना बढ़ी है। लेकिन इस बार परिस्थितियां पहले से काफी अलग हैं। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है और रूस के साथ उसके सैन्य संबंध भी गहरे हुए हैं।

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