झालावाड़। आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्राओं, बारावफात एवं रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द, सामाजिक समरसता तथा शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं सहित आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता, अफवाहों की रोकथाम, सोशल मीडिया पर निगरानी तथा त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।
जिला कलक्टर ने कहा कि जिले की पहचान आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक समरसता की रही है तथा सभी धर्मों और समुदायों के लोग परस्पर सहयोग और सम्मान की भावना के साथ पर्व-त्योहार मनाते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन शांति समिति के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं और सभी के समन्वित प्रयासों से प्रत्येक आयोजन शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।
उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आपसी संवाद और समन्वय बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न देते हुए तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि सभी पर्व भाईचारे, एकजुटता और सामाजिक सद्भाव की भावना के साथ मनाए जाएं, यही हमारी साझा जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि आगामी पर्वों को देखते हुए जिलेभर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रमुख धार्मिक स्थलों, कांवड़ यात्रा मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि असामाजिक एवं शरारती तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि किसी भी छोटी या बड़ी घटना की आशंका होने पर अथवा घटना घटित होने पर तत्काल जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आमजन का सहयोग प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और जनसहभागिता से ही शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों ने यातायात व्यवस्था, धार्मिक जुलूसों के मार्ग, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाओं तथा विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला स्तरीय शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।



