जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की गुणवत्ता लोकसेवकों की क्षमता, कार्यकुशलता और दृष्टिकोण पर काफी हद तक निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल सेवा की औपचारिक आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षु अधिकारियों को तैयार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक व्यवहारिक, समकालीन एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए ताकि अधिकारी बदलती प्रशासनिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए सुशासन को और सुदृढ़ बना सकें। मुख्य सचिव शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रशिक्षण विभाग एवं हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने संस्थान की प्रशिक्षण गतिविधियों, मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, प्रशिक्षण अवसंरचना तथा भावी कार्ययोजना के विषय में चर्चा की एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के लिए मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किया जाए। साथ ही विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों के लिए भी समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिनसे उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता का निरंतर विकास हो। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता है, इसलिए प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण एवं डिजिटल शिक्षण को व्यापक रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण अवसंरचना के आधुनिकीकरण, आधुनिक कक्षाओं के विकास तथा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, संस्थान को श्रेष्ठ प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शोध, प्रकाशनों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को और अधिक प्रोत्साहित करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थान द्वारा मिशन कर्मयोगी एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में एचसीएम रीपा ने प्रशासनिक प्रशिक्षण में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि संस्थान को सुशासन की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचारों को निरंतर अपनाते हुए प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता की अपनी परंपरा को और आगे बढ़ाना चाहिए। बैठक में हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान की महानिदेशक एवं पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव (प्रशिक्षण) श्रेया गुहा ने संस्थान की विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों एवं मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित पहलों की जानकारी दी। उन्होंने साधना सप्ताह जैसे सतत् सीखने के अभियानों तथा यूएनएनएटीआई (UNNATI) पोर्टल के प्रभावी उपयोग के माध्यम से प्रशिक्षण संस्थानों के बीच संसाधनों, पाठ्य सामग्री एवं विशेषज्ञता के बेहतर आदान-प्रदान के संबंध में भी विस्तार से अवगत कराया। बैठक में शासन सचिव कार्मिक विभाग अर्चना सिंह सहित वित्त विभाग एवं संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

लोकसेवकों में नैतिकता, जवाबदेही, व्यवहारिक दक्षता तथा नागरिकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को बढ़ाने वाली हो प्रशिक्षण व्यवस्था – मुख्य सचिव
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