अनूठे हैं पीएम श्री विद्यालय, इनमें अंतरराष्ट्रीय योगदान देने वाले छात्र निर्माण की क्षमता – मुख्य सचिव

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जयपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संचालित पीएम श्री विद्यालयों का राज्य में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में सुचारु संचालन किया जा रहा है। ये कहना था मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास का। मुख्य सचिव मंगलवार को राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित पीएम श्री राज्य स्तरीय संस्था प्रधान वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। वेबिनार में एनईपी 2020, 21वीं सदी के कौशल एवं खेल आधारित शिक्षा पद्धति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही पीएम श्री विद्यालयों में नवाचार, शैक्षणिक स्तर एवं जारी राशि का सदुपयोग, सह शैक्षणिक गतिविधियों में उपलब्धि, सीएसआर एवं जन सहयोग से किए गए कार्य आदि पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबोधित करते हुए कहा कि पीएम श्री विद्यालय STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) शिक्षा व नवाचारों के क्षेत्र में रोल मॉडल के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पीएम श्री विद्यालयों को अनूठा बताते हुए कहा कि इन विद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्कृष्ट छात्र तैयार करने की क्षमता है। उन्होंने ने प्रत्येक पीएम श्री विद्यालय में सुझाव बॉक्स खोलने, अपनी सफलता की कहानियां शेयर करने और छोटे-छोटे नवाचार करने के ​सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि छोटी टीम बनाकर कार्य करने और निरंतर मेहनत करने से सफलता अवश्य हासिल होगी और निश्चित तौर पर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह वेबिनार सभी पीएम श्री विद्यालयों के लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी। उन्होंने वेबिनार को श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के संस्था प्रधानों की इंस्पिरेशनल स्टोरीज के जरिए पीअर लर्निंग का महत्वपूर्ण व अनोखा प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने भविष्य में जिला स्तर पर भी वेबिनार आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के अनुभव का लाभ अन्य विद्यालयों को भी मिल सके।
जल्दी भरे जाएंगे खाली पद
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री राजेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि पीएम श्री विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में इन विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यादव ने हर विद्यालय में 3-5 बच्चों की टोली बनाकर उनमें सामंजस्य, टीम स्पिरिट व साथ सीखने और आगे बढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करने का सुझाव दिया। पीएम श्री विद्यालयों में खाली पदों के मामले में उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रक्रिया चल रही है व जल्द ही सभी खाली पद भर दिए जाएंगे। उन्होंने जल्द ही अन्य राज्यों के पीएम श्री विद्यालयों के साथ संवाद कार्यक्रम शुरू करने की बात कही जिससे राज्य के विद्यालयों को उनके अनुभव का भी लाभ मिल सके। वेबिनार में प्रदेश के चयनित 14 पीएम श्री संस्था प्रधानों ने अपने अनुभव, नवाचार व उपलब्धियां साझा की। शेष 635 पीएम श्री संस्था प्रधान वेबिनार से ऑनलाइन जुड़े। मुख्य सचिव ने संस्था प्रधानों से संवाद किया व पीएम श्री विद्यालयों की जमीनी हकीकत को समझा। राज्य परियोजना निदेशक व आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। अंत में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक श्री अशोक कुमार मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वेबिनार में संयुक्त सचिव श्री महेन्द्र खींची, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक श्रीमती सीमा शर्मा, उपायुक्त, उप निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
परिश्रम से मिली पहचान व सराहना
वेबिनार में उपलब्धियां साझा करने के लिए 14 संस्था प्रधानों का चयन उनके द्वारा विद्यालय में किए गए नवाचारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था व उपलब्धियों के आधार पर किया गया था। मुख्य सचिव ने सभी संस्था प्रधानों के विद्यालय विकास के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की व भविष्य में विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ ही अन्य विद्यालयों को भी प्रेरित करने को कहा। वेबिनार के बाद सभी प्रतिभागी संस्था प्रधानों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
नवाचारों से बदली सूरत
पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वैर, भरतपुर ने ‘मेरे कान्हा-मेरे आंगन’ कार्यक्रम से सामुदायिक सहभागिता को नए आयाम दिए हैं। इसके तहत हर माह कक्षा के सभी बच्चे व अध्यापक किसी एक बच्चे के घर जाते हैं और उसके परिवार व समाज से जुड़ते हैं। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक​ विद्यालय, राहोली, निवाई टोंक का नाम नवाचारों के लिए हिंदुस्तान बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज किया गया है। पीएम श्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, 2 एमडी महादेव नगर, बांकलसर मोहनगढ़, जैसलमेर ने मातृ सम्मेलन व नुक्कड़ नाटकों के जरिए आम लोगों को विद्यालय से जोड़ा है।पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मांडल, भीलवाड़ा ने पुराने छात्रों को जोड़ने का अभियान चलाया और उनकी सहायता से विद्यालय का कायाकल्प हो गया। पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, स्टेशन रोड बाड़मेर में 10वीं का परिणाम 7 वर्ष से व 12वीं का परिणाम 4 वर्ष से शत प्रतिशत है। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जमवारामगढ़ के विद्यार्थी लगातार NEET व JEE जैसी परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर श्रेष्ठ संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर रहे हैं। पीएम श्री रावत नाहरसिंह राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय देवगढ़, राजसमंद में बालिका संसद चलाई जाती है। इसके तहत छात्राएं पढ़ाई के साथ ही विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में भी सहायता करती हैं जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।

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