भारत विकास परिषद का 64वां स्थापना दिवस: संस्कारवान समाज ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति : देवनानी

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जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के माध्यम से परिषद ने राष्ट्र निर्माण में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई है। उन्होंने परिषद के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों को 64वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह संगठन सेवा के माध्यम के साथ भावी भारत के चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण अभियान है। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में भारत विकास परिषद के स्‍थापना दिवस समारोह को सम्‍बोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर समारोह का शुभारम्‍भ किया। समारोह में मैं वीर सावरकर- अंश मात्र नाटक की प्रस्‍तुति दी गई। स्‍पीकर श्री देवनानी ने कहा कि गत दिनों एक पुत्री द्वारा धन के लिए अपनी मां की हत्‍या कर देने वाले समाचार ने समाज को झकझोर दिया है। भारतीय समाज के लिए यह बहुत चिंताजनक है। ऐसी घटनाएं भारतीय संस्‍कृति में नहीं हो सकती है। उन्‍होंने कहा कि बदलती हुई परिस्थितियों में समाज व राष्‍ट्र में संस्‍कारों का वातावरण बनाना आवश्‍यक हो गया है। आज जरूरत है कि पूरा परिवार एक साथ बैठकर एक समय का भोजन अवश्‍य करें। आपस में चर्चा करें। घर-घर में रामायण का अध्‍ययन किया जाना भी आज की आवश्‍यकता है। श्री देवनानी ने कहा कि सनातन संस्‍कृति और विदेशी संस्‍कृतिकी लड़ाई भविष्‍य में होगी। हमें हमारे परिवारों में भारतीय सनातन संस्‍कारों का वातावरण बनाना होगा। श्री देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य आर्थिक प्रगति का संकल्प नहीं है, यह एक ऐसे भारत के निर्माण का राष्ट्रीय अभियान है, जिसकी शक्ति संस्कारवान युवा, शिक्षित समाज, सशक्त नारी, जागरूक नागरिक और सेवा भाव से जुड़े संगठन होंगे। भारत विकास परिषद जैसे संगठन इस संकल्प के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। उन्‍होंने कहा कि अंतिम छोर के व्‍यक्ति को सुखद अनुभूति होने पर ही भारत विकसित होगा। हम सभी को अपने कार्य की गति को बढ़ाना होगा। समारोह में भारत विकास परिषद के श्री विक्रांत खण्‍डेलवाल, डॉ. श्‍याम सुन्‍दर अग्रवाल, श्री राजीव शरण सक्‍सैना, श्री नील माधव, श्री विजय पारीक और श्री रणवीर सिंह त्‍यागी सहित जयपुर उत्तर-पूर्व प्रान्त के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में परिषद की सेवा गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।

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