झालावाड़। जिले में वन्यजीवों के संरक्षण एवं अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीवित तीतर एवं तोते, शिकार में प्रयुक्त फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल जब्त कर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन में बुधवार प्रातः सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के वनकर्मियों तथा पुलिस जाप्ते ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए झालावाड़ स्थित कालीसिंध नदी की पुलिया के समीप वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में स्थित कच्ची झोपड़ियों पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से जीवित तीतर एवं तोते बरामद किए। इसके अतिरिक्त वन्यजीवों के अवैध शिकार एवं पकड़ने में प्रयुक्त फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जा एवं व्यापार से संबंधित गतिविधियों के प्रमाण मिलने पर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई तथा आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, कब्जा, संग्रहण, परिवहन अथवा व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड एवं जुर्माने का प्रावधान है।
विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि किसी व्यक्ति को वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे, परिवहन अथवा व्यापार से संबंधित कोई सूचना प्राप्त होती है तो इसकी जानकारी तत्काल निकटतम वन अधिकारी अथवा वन विभाग को दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई कर वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।



