नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पर्यावरण संतुलन की चिंता किए बिना विकास का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 6,300 हेक्टेयर ग्रीन रिज क्षेत्र को फिर से हराभरा बनाने के लिए अगले चार वर्षों में एक करोड़ से अधिक देशी पौधे लगाए जाएंगे और पूरे रिज को दिल्ली के ‘हरे फेफड़ों’ के रूप में विकसित किया जाएगा। शाह ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत दिल्ली में ‘मिशन 70 लाख’ पौधारोपण अभियान का शुभारंभ औरा दिल्ली सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य दिल्ली के रिज क्षेत्र के पुनर्जीवन का संकल्प लेना है। रिज को फिर से कानूनी संरक्षण प्रदान करने, उसकी जैव विविधता बहाल करने, मिट्टी एवं जल संसाधनों का संरक्षण करने तथा दिल्ली के पर्यावरण को नया जीवन देने का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में पूरे रिज क्षेत्र में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे दीर्घायु देशी वृक्ष लगाए जाएंगे, जो 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं। इसके अलावा एक करोड़ से अधिक देशी पौधों के साथ 35 लाख बड़े वृक्षों तथा 65 लाख झाड़ियों, बांस और औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि वर्ष 1994 में दिल्ली के 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम अधिसूचना तीन दशक से लंबित थी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि अब 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया गया है और शेष क्षेत्र को भी कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रिज क्षेत्र में बड़ी संख्या में जहरीले बबूल और अन्य कंटीले वृक्ष हैं, जो हरियाली का भ्रम तो पैदा करते हैं, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी नहीं हैं। इनके स्थान पर देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि अंधाधुंध वृक्ष कटाई से ओजोन परत को नुकसान पहुंचा है, जिससे वैश्विक तापमान बढ़ा है और जलवायु परिवर्तन की चुनौती गंभीर हुई है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने दिल्लीवासियों से ग्रीन ड्राइव पोर्टल पर जाकर वृक्षारोपण के लिए अपना स्लॉट बुक करने और अभियान से जुड़ने की अपील की। शाह ने कहा कि आज एक ही मंच से नरेला में हाई सिक्योरिटी जेल का शिलान्यास, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन, तीन नए बस डिपो का लोकार्पण तथा 300 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं दिल्ली को विकसित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल राजधानी बनाने की व्यापक कार्ययोजना का हिस्सा हैं। यमुना की सफाई का उल्लेख करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली की डेयरियों का एक किलो गोबर भी यमुना में नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए अगले सप्ताह राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में प्रतिदिन लगभग 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना में डाला जाता था, जबकि अब उसे वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत कर जैविक खाद में बदला जाएगा, जिससे यमुना के शुद्धीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

पर्यावरण संतुलन की चिंता किए बिना विकास बेमानी, दिल्ली के रिज को फिर से हरा-भरा बनाएंगे : अमित शाह
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