जोधपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल गुणवत्ता एवं जलापूर्ति संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रभावी कार्रवाई करते हुए गोलनाड़ी एवं वीर तेजा नगर, बासनी सांगरिया क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों का समाधान किया गया है। विभागीय जांच एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्यों के बाद दोनों क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। गोलनाड़ी क्षेत्र के निवासी श्री गजेसिंह शर्मा द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि उनके निवास पर जलापूर्ति कम प्रेशर से हो रही है तथा पानी गंदा आ रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर अधीक्षण अभियंता श्री राजेन्द्र मेहता के निर्देशानुसार सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार, कनिष्ठ अभियंता श्री पंकज सैनी एवं विभागीय टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए लगातार तीन दिनों तक जलापूर्ति की निगरानी एवं जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि परिवादी का मकान गोलनाड़ी जलापूर्ति क्षेत्र के टेल एंड (अंतिम छोर) पर स्थित है। शिकायत के मद्देनजर संबंधित समस्त मैनहोल एवं पाइपलाइन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में अजय चौक के पास पाइपलाइन में एक लीकेज पाया गया, जिससे बाहरी दूषित जल के पाइपलाइन में प्रवेश की संभावना थी। विभागीय टीम द्वारा उक्त लीकेज को तत्काल दुरुस्त किया गया। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद पुनः जलापूर्ति के समय परिवादी के निवास पर पानी की जांच की गई, जिसमें पानी साफ पाया गया। जल गुणवत्ता की पुष्टि के लिए पानी का नमूना परीक्षण हेतु प्रयोगशाला में भी भेजा गया है। वर्तमान में परिवादी द्वारा जलापूर्ति एवं पानी की गुणवत्ता के संबंध में संतोष व्यक्त करते हुए समस्या के समाधान की पुष्टि की गई है। इसी प्रकार दिनांक 4 जून को राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) एवं सोशल मीडिया माध्यम से वीर तेजा नगर, बासनी सांगरिया क्षेत्र में पेयजल में गंदा पानी आने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत प्राप्त होते ही विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित संज्ञान लिया गया। अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता एवं उनकी टीम द्वारा 5 जून को क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कॉलोनी के कई घरों में गंदा पानी आना पाया गया। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सांगरिया ग्राम सेवक से समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में स्थित सीवरेज की ओवरफ्लो होड़ियों को खाली कराने की व्यवस्था गई। ग्राम पंचायत एवं विभागीय कार्मिकों के संयुक्त प्रयास से क्षेत्र की समस्त सीवरेज होड़ियों की सफाई करवाई गई। साथ ही विभागीय टीम द्वारा क्षेत्र का गहन तकनीकी सर्वे एवं निरीक्षण कर ऐसे संभावित स्थानों की पहचान की गई, जहां से प्रदूषित जल के पेयजल लाइन में प्रवेश करने की संभावना थी। निरीक्षण के दौरान दो संवेदनशील बिंदु चिन्हित किए गए। इनमें से एक स्थान पर सीवरेज सॉफिट के समीप स्थापित वाल्व को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया तथा दूसरे स्थान पर सीवरेज होड़ी में पेयजल पाइपलाइन से हो रहे रिसाव को तत्काल दुरुस्त कराया गया। सुधारात्मक कार्य पूर्ण होने के पश्चात 6 जून को क्षेत्र में पुनः पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की गई। जलापूर्ति के दौरान विभागीय टीम द्वारा लगभग 15 से 20 घरों का निरीक्षण कर पेयजल की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच में पेयजल स्वच्छ एवं सुरक्षित पाया गया तथा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के प्रदूषण अथवा गंदे पानी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री राजेन्द्र मेहता द्वारा बताया गया कि विभाग क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा पेयजल गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए सतत प्रयासरत है।

पेयजल गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण, विभागीय कार्रवाई से मिली राहत
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