अजमेर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बुढ़ा पुष्कर में आयोजित भव्य समारोह के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का समापन हुआ। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने श्रमदान, सरोवर पूजन ,पीपल पूजन और वृक्षारोपण कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। राजीविका की महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर पीपल पूजन किया तथा उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अभियान को सफल बनाने के लिए अजमेर जिले के नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में आमजन की सक्रिय भागीदारी के कारण यह अभियान पूरे प्रदेश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने की पहल को अभूतपूर्व सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे राज्य सरकार ‘हरियालो राजस्थान’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी मानसून में अभियान के तहत विकसित संरचनाएं वर्षा जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और भूजल स्तर में वृद्धि होगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है और इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। अजमेर के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने बताया कि पुष्कर क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 45 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही परिक्रमा मार्ग, घाटों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान – उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी
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