जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं महिला बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में तथा शासन सचिव पूनम, आईसीडीसी निदेशक वासुदेव मालावत, महिला अधिकारिता आयुक्त राकेश राजोरिया तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में गुरुवार को सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री ने राजस्थान को महिला-बाल विकास का एक मॉडल स्टेट बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किराये के आंगनबाडी भवनों एवं अन्य जीर्ण क्षीण भवनों को csr के सहयोग से प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ी में परिवर्तित किये जाने पायलेट परियोजना पर कार्य किया जा सकता है। दिया कुमारी ने कहा कि इस कार्य में csr का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि csr वर्कशॉप आयोजित कर कॉर्पोरेट/उद्योगों को इस हेतु सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने लाडो प्रोत्साहन योजना और उड़ान योजना की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बाल्य शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, खेल-आधारित शिक्षण और डिजिटल टूल्स के उपयोग हेतु कार्यकर्ताओं को नियमित प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर योजना के 7 निर्माणाधीन केंद्रों को PWD के द्वारा समयबद्धता से पूर्ण करवाये जाने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास शासन सचिव पूनम ने बताया कि विभाग राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप के FRS, pmmvy और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की रैंकिंग में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है।
CSR से प्रीफेब्रिकेटेड आंगनबाड़ी का पायलेट प्रोजेक्ट
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के समक्ष एक प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें CSR के माध्यम से प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ी के विभिन्न डिज़ाइन पर चर्चा की गई। उक्त प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ियों के अंतर्गत आंगनबाड़ियों में csr फण्ड के माध्यम से स्मार्ट क्लास, किचन गार्डन, बाल-मैत्री फर्नीचर, टॉय बैंक विकसित आदि आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड कर “आदर्श केंद्र” बनाने की कार्ययोजना है।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक
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