सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के एसआईआर को वैध और संवैधानिक प्रक्रिया बताया

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग के बिहार में शुरू किए गए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के फैसले को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को सिर्फ इसलिए गैरकानूनी कहकर रद्द नहीं किया जा सकता कि यह वोटर लिस्ट के आम रिवीजन की प्रक्रिया से अलग है। उच्चतम न्यायालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण को एक वैध और संवैधानिक प्रक्रिया बताया है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक लक्ष्य के अनुरूप है। निर्वाचन आयोग को वोटर लिस्ट में शामिल करने या हटाने को सुनिश्चित करने के लिए किसी की नागरिकता जांचने का अधिकार है। कोर्ट ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के लिए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया था कि वो संविधान में दिए गए प्रावधानों के हिसाब से ही विशेष गहन पुनरीक्षण करा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण का मकसद मतदाता सूची का शुद्धिकरण भर है।

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