नौ दिन तपायेगा नौतपा

ram

-बाल मुकुंद ओझा
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ का महीना सबसे गर्म माना जाता है और इस दौरान सूर्य देव अपने चरम पर होते हैं। वहीं मान्यता यह है कि इसी दौरान नौतपा आता है, जिसका मतलब है साल के सबसे ज्यादा गर्म 9 दिन। देश में नौतपा 25 मई से शुरू हो गया है और यह 2 जून तक रहेगा। नौतपा’ का मतलब होता है नौ दिनों की तपन। इन 9 दिनों में तेज धूप, गर्म हवाएं और लू का असर देखने को मिल सकता है। पंचांग के मुताबिक सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नौतपा की शुरुआत हो जाती है। इन 9 दिनों में सूर्य प्रचंड गर्मी फैलाते हैं। हर साल मई के अंत और जून की शुरुआत में पड़ने वाले इन नौ दिनों को साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और भारतीय पंचांग में इसका विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे अधिक प्रभावशाली होती है। मान्यताओं के अनुसार अगर नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़े तो आने वाला मानसून बेहतर माना जाता है। किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
देश और प्रदेश में भीषण और जानलेवा गर्मी और लू ने आमजन के छक्के छुड़ा दिए है। इस बार गर्मी ने प्रारम्भ से ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। मार्च का महीना अपेक्षाकृत अनुकूल वातावरण वाला महीना है। मार्च के शुरू में ठण्ड थी मगर अंत आते आते पहले पंखे चले और फिर कूलर और एसी चलने लगे। गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया और देखते देखते लोग तेज गर्मी से बेहाल हो गए। बताते है की ऋतुओं में सर्दी का असर केवल तीन माह ही रहता है। मार्च से शुरू हुई गर्मी अगस्त और सितंबर तक अपना असर दिखती है। वर्षा के बाद बसंत केवल दो माह अपना असर छोड़ता है। कहने का तात्पर्य है सर्वाधिक गर्मी रहती है और वह भी व्याकुल करने वाली। इसी के साथ गर्मीजन्य बीमारियां और पेयजल की किल्लत शुरू हो जाती है। जलवायु परिवर्तन के अजब गजब नज़ारों के मध्य नौतपा 25 मई से शुरू हो गया है। सूरज ने आग उगलना शुरू कर दिया है। आसमान में आग उगलता सूरज और तवे सी तपती धरती ने मैदानी क्षेत्र को झुलसा कर रख दिया है। गर्मी के रौद्र रूप धारण कर लेने से समूचा उत्तर और मध्य भारत त्राहि त्राहि कर रहा है। अल सुबह से रात तक राहत नहीं मिलने से मानव जीवन व्याकुल हो रहा है। सवेरे नलों में छत पर रखी टंकी से गर्म पानी आने से शौच के साथ नहाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारत के कई शहर एसी-कूलर को फेल कर देने वाली गर्मी से तप रहे हैं। थार के रेगिस्तान में बसे राजस्थान की गर्मी जेठ महीने के साथ ही अपने रौद्र रूप में आ गई है। राज्य के ज्यादातर हिस्से लू की चपेट में हैं और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेषकर नौतपा के 9 दिनों में गर्मी अपने चरम पर होगी। नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून को समाप्‍त होगा। ये 9 दिन गर्मी सबसे अधिक होती है। गांव की चौपाल से चाय पान की दुकानों पर लोग गरम लू और गर्मी से जूझ रहे है। गर्मी अपने रौद्र रूप में लोगों को बेहाल किये हुए है। देश के अनेक स्थानों पर तापमान 48 डिग्री तक पहुँच रहा है। पानी बिजली संकट के साथ भीषण और जानलेवा गर्मी और लू ने आमजन के छक्के छुड़ा दिए है।
नौतपा के दौरान गर्मी से बचाव के लिए जरूरतमंद और राहगीरों को पानी पिलाना चाहिए। आप इस दौरान प्याऊ भी लगवा सकते हैं। ऐसा करना भी बहुत शुभ माना जाता है। नौतपा में लोगों को शरबत, दूध, दही आदि दान करना भी बहुत पुण्यकारी माना जाता है। नौतपा के दौरान सूर्य देव की उपासना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही समाज में सम्मान भी बढ़ता है। साथ ही इस दौरान मौसमी फलों जैसे खरबूजा, तरबूज, आम और गुड़ या चीनी आदि का भी दान भी किया जा सकता है। नौतपा के दौरान ये सभी काम करने से साधकों को सूर्य देव की असीम कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मान्यता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण यह मानसून का गर्भ आ जाता है और इसी कारण नौतपा को मानसून का गर्भकाल माना जाता है। ऐसे में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है तो उस समय चंद्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं। जबर्दस्त तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। देश में भीषण गर्मी का दौर जारी है और पारा 48 डिग्री को पार गया है। अनेक क्षेत्रों में सड़कें सुनी नजर आईं। बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *