नई दिल्ली। कढ़ी-चावल का नाम सुनते ही हर हिंदुस्तानी के मुंह में पानी आ जाता है। आमतौर पर हमारे घरों में कढ़ी बेसन और खट्टे दही को मिलाकर बनाई जाती है, लेकिन क्या आपने कभी बेसन की जगह मूंग दाल का इस्तेमाल करके कढ़ी बनाई है? अगर नहीं, तो इस वीकेंड अपनी रसोई में यह स्वादिष्ट जादू जरूर आजमाएं। यह इतनी लाजवाब बनती है कि जो भी खाएगा, वह उंगलियां चाटता रह जाएगा।
स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना
मूंग दाल की कढ़ी न सिर्फ स्वाद में बेसन वाली कढ़ी से एकदम अलग और टेस्टी होती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। बेसन कई बार पेट में भारीपन या गैस की वजह बन सकता है, लेकिन मूंग दाल पचने में बहुत हल्की होती है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, इसलिए यह स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन ‘कॉम्बो’ है।
पकौड़े होते हैं रुई जैसे मुलायम
इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान और दिलचस्प है। इसके लिए बिना छिलके वाली पीली मूंग दाल को कुछ घंटों के लिए भिगोकर बारीक पीस लिया जाता है। पिसी हुई दाल के आधे हिस्से में दही और मसाले मिलाकर कढ़ी का घोल तैयार किया जाता है। बाकी बची हुई दाल के पेस्ट को अच्छे से फेंटकर छोटे-छोटे पकौड़े तले जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि मूंग दाल के पकौड़े बेसन के पकौड़ों के मुकाबले बहुत ज्यादा सॉफ्ट और जालीदार बनते हैं, जो कढ़ी के खट्टेपन को अपने अंदर स्पंज की तरह सोख लेते हैं।
असली जादू है इसका तड़का
कढ़ी चाहे कोई भी हो, उसकी असली जान उसके छौंक में छिपी होती है। जब कढ़ी धीमी आंच पर अच्छे से पक जाए, तो ऊपर से देसी घी का तड़का लगाएं। घी में थोड़ा सा जीरा, राई, चुटकी भर हींग, सूखी लाल मिर्च और ताजे कढ़ी पत्तों को चटकाकर जब आप कढ़ी पर डालेंगे, तो उसकी खुशबू से पूरा घर महक उठेगा। अगली बार जब भी घर में कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का मन करे, तो अपनी पुरानी कढ़ी की रेसिपी को थोड़ा-सा बदलें। इस गरमागरम ‘मूंग दाल की कढ़ी’ को उबले हुए चावल, रोटी और पापड़ के साथ परोसें। यकीन मानिए, घर का हर सदस्य आपकी तारीफ करते नहीं थकेगा और जो भी मेहमान इसे खाएगा, वह आपसे इसकी सीक्रेट रेसिपी जरूर मांगेगा।



