बीईएल का चौथी तिमाही मुनाफा 5 प्रतिशत बढ़ा, बोर्ड ने की अंतिम डिविडेंड की सिफारिश

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मुंबई। सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (क्यू4) में अपने समेकित शुद्ध लाभ (कंसो. नेट प्रॉफिट) में 4.61 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। यह बढ़ोतरी कंपनी की आय में वृद्धि और स्थिर परिचालन प्रदर्शन के चलते देखने को मिली। सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में बढ़कर 2,225.22 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,127.04 करोड़ रुपए था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान परिचालन से कंपनी की आय (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 11.74 प्रतिशत बढ़कर 10,224.43 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 9,149.59 करोड़ रुपए थी। बीईएल का ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले का लाभ (ईबीआईटीडीए), जिसे परिचालन लाभ भी कहा जाता है, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 6 प्रतिशत बढ़कर 2,982 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2,816 करोड़ रुपए था। हालांकि, कंपनी का परिचालन लाभ मार्जिन सालाना आधार पर घटकर 29.1 प्रतिशत रह गया, जो पहले 30.7 प्रतिशत था। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 रुपए फेस वैल्यू वाले प्रत्येक पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर पर 0.55 रुपए के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जो आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए बीईएल की परिचालन आय (राजस्व) 27,479.63 करोड़ रुपए रही, जो वित्त वर्ष 2025 के 23,658.01 करोड़ रुपए की तुलना में 16.15 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) वित्त वर्ष 2026 में 6,048.48 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 5,288.25 करोड़ रुपए की तुलना में 14.38 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 1 अप्रैल 2026 तक उसका ऑर्डर बुक 73,882 करोड़ रुपए का था। इस महीने की शुरुआत में बीईएल ने मेटामाइंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और क्रिस्टेलर एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता रक्षा और गैर-रक्षा क्षेत्रों के लिए भविष्य की तकनीकों और उत्पादों के सहयोग तथा संयुक्त विकास के लिए किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी नवाचार और व्यावसायिक सहयोग में तीनों कंपनियों की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाना है।

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