जोधपुर जल संकट पर गहलोत का तीखा प्रहार : कहा – “हालात जल-आपातकाल जैसे, सरकार मौन”

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जोधपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में गहराते पेयजल संकट को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में हालात बेहद भयावह होते जा रहे हैं और स्थिति लगभग “जल-आपातकाल” जैसी बन चुकी है। गहलोत के अनुसार, कायलाना-तख्तसागर में मात्र दो दिन का पानी शेष है, जिससे करीब 20 लाख की आबादी प्यास के कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि शहर में चारों ओर त्राहि-त्राहि मची हुई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। गहलोत ने सवाल उठाया कि आखिर जलदाय विभाग अब तक क्या कर रहा था? क्या यह पूर्व तैयारी की कमी नहीं दर्शाता? क्या जल प्रबंधन को लेकर कोई दीर्घकालिक योजना बनाई ही नहीं गई? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब संकट सामने खड़ा है तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने जोधपुर के सांसद और भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाएं, ताकि समस्या का जल्द समाधान निकल सके।
गहलोत के इस बयान के बाद जोधपुर के जल संकट का मुद्दा एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गया है।

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