उदयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को अज्ञान, भय, दुर्बलता और सीमाओं से मुक्त करती है तथा बेहतर भविष्य निर्माण का आधार बनती है। वे शनिवार को उदयपुर स्थित विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कृष्ट विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। देवनानी ने विद्या भवन के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि स्व. मोहन सिंह मेहता और स्व. जनार्दन राय नागर द्वारा स्थापित विद्या भवन एवं राजस्थान विद्यापीठ आज भी दक्षिणी राजस्थान में शिक्षा के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एआई का दास नहीं, बल्कि स्वामी बनना चाहिए क्योंकि तकनीक सूचना दे सकती है, लेकिन संवेदनाएं और संस्कार नहीं। इस दौरान उन्होंने जीवन में मर्यादा, अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
“शिक्षा अज्ञान और भय से मुक्ति का माध्यम”: प्रो. देवनानी
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