नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट 2026’ में देश समेत वैश्विक विशेषज्ञों ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उसकी मजबूत पकड़ की सराहना की।
इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) के महानिदेशक आशीष खन्ना ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत 2025 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बन गया है, जहां करीब 50 गीगावाट नई सोलर क्षमता जोड़ी गई है।
उन्होंने बताया कि पीएम-कुसुम दुनिया की सबसे बड़ी कृषि सोलराइजेशन योजना है, जबकि पीएम सूर्य घर योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत इन सफल अनुभवों को अफ्रीका समेत अन्य देशों के साथ साझा करने की कोशिश कर रहा है। अब फोकस एआई और डिजिटाइजेशन पर भी बढ़ रहा है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र और मजबूत होगा।
खन्ना ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन काफी दूरदर्शी रहा है। उन्होंने 2015 में 1,000 गीगावाट और 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा था, जिसे दुनिया ने तेजी से हासिल करना शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि इंटरनेशनल सोलर एलायंस सही समय पर स्थापित किया गया था।
इसके अलावा, कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी की पहल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह भविष्य को ध्यान में रखकर बड़े स्तर पर काम कर रही है, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक संकेत है।
इसके साथ ही, यूरोपीय निवेश बैंक के दक्षिण एशिया प्रमुख माइकल स्टीडल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित देश बनने की दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप भारत को एक मजबूत रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। आने वाले समय में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के जरिए दोनों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। यूरोप की टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षमता, और भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत मिलकर बड़ी साझेदारी का आधार बन सकती है।
वहीं, आईएएनएस से बात करते हुए टीडीके सेंसईआई के सीईओ संदीप पंड्या ने कहा कि यह समिट दिखाता है कि कैसे एआई, डेटा सेंटर और प्रोडक्टिविटी ऊर्जा सेक्टर और समाज को प्रभावित कर रहे हैं। भारत में सरकार और कॉरपोरेट सेक्टर मिलकर सस्टेनेबल एनर्जी पर जोर दे रहे हैं, जिससे भविष्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी की जा सकें।
उन्होंने कहा कि भारत में सोलर, विंड और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर तेजी से काम हो रहा है। सरकारी समर्थन, बड़ी जमीन और बढ़ती मांग के चलते भारत इस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है और जल्द ही जापान को भी पीछे छोड़ सकता है।

ग्रीन एनर्जी में भारत की रफ्तार तेज, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बना देश: एक्सपर्ट्स
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