हीरो से जीरो बने रिंकू सिंह, आईपीएल 2026 में लगातार असफलता ने बढ़ाई केकेआर की परेशानी

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नई दिल्ली। आईपीएल 2023 में 9 अप्रैल को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस (जीटी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच मैच खेला गया था। इस मैच ने भारतीय क्रिकेट को रिंकू सिंह के रूप में एक बड़ा सितारा दिया था जिसके दिन आजकल गर्दिश में चल रहे हैं। पहले 9 अप्रैल को हुए उस मैच को याद कर लेते हैं। 205 रन के लक्ष्य का सामना कर रही केकेआर को आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन चाहिए थे। क्रीज पर रिंकू सिंह 16 गेंदों पर 18 और उमेश यादव 5 गेंदों पर 4 रन बनाकर खेल रहे थे। आखिरी ओवर में इतने रन बनाकर कोई टीम नहीं जीती थी, इसलिए केकेआर जीत की उम्मीद छोड़ चुकी थी, लेकिन उस मैच के आखिरी ओवर में जो हुआ वो क्रिकेट इतिहास की रोमांचक यादों में दर्ज हो गया। जीटी की तरफ से गेंदबाजी के लिए आए यश दयाल की पहली गेंद पर उमेश यादव ने सिंगल लेकर स्ट्राइक रिंकू सिंह को दे दी। इसके बाद रिंकू ने लगातार 5 छक्के लगाते हुए केकेआर को जीत दिला दी। क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी बल्लेबाज ने लगातार 5 छक्के लगाते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई थी। रिंकू 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इस मैच के बाद रिंकू सिंह न सिर्फ केकेआर के, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली और भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरे। उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में मौका मिला। टीम इंडिया के लिए भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। फिनिशर के रूप में कई अच्छी पारियां उनके बल्ले से आईं। हालांकि, वह भारतीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। टी20 विश्व कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे रिंकू का विश्व कप के शुरुआती मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था, और उनकी जगह संजू सैमसन को टीम में जगह दी गई थी।
केकेआर ने रिंकू सिंह में हमेशा अपना भविष्य देखा। टीम ने श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल, वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों को जाने दिया लेकिन आईपीएल 2025 में उन्हें 13 करोड़ देकर रोका।
9 अप्रैल 2023 को रातों-रात सुपरस्टार बने रिंकू सिंह के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के लिए संघर्ष करने के बाद रिंकू सिंह आईपीएल में भी संघर्ष कर रहे हैं। आईपीएल 2025 के 13 मैचों की 11 पारियों में 206 रन बनाने वाले रिंकू आईपीएल 2026 के 6 मैचों की 5 पारियों में महज 79 रन बना सके हैं। उनका औसत 19.75 रहा है। उन्हें बल्लेबाजी के लिए चौथे क्रम पर भेजा जाए या फिर छठे क्रम पर, रन नहीं बन रहे। रिंकू सिंह की फॉर्म में गिरावट केकेआर प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए चिंता का विषय है और उनके भविष्य पर भी सवाल खड़े करता है।
रिंकू सिंह को केकेआर के मध्यक्रम का सबसे मजबूत बल्लेबाज माना जा रहा था और उन्हें एक ऐसे फिनिशर के रूप में देखा जा रहा था जिसके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। रिंकू ने अपने प्रदर्शन से न सिर्फ टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है, बल्कि अपनी मुसीबतें भी बढ़ा ली हैं। केकेआर ने इस सीजन की शुरुआत में उन्हें उपकप्तान बनाया था, लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन केकेआर और रिंकू का रहा है, अगर उसमें सुधार नहीं हुआ तो अगले सीजन केकेआर में बड़ा बदलाव तय है और उसमें रिंकू सिंह का पत्ता टीम से कट सकता है।
बता दें कि रिंकू सिंह केकेआर के साथ 2018 से जुड़े हुए हैं। 2023 में हीरो बनने वाला बाएं हाथ का यह विस्फोटक बल्लेबाज फिलहाल लगातार असफलता के बाद जीरो साबित हुआ है। रिंकू को फिर से अपनी प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

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