जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा पैकेज्ड कमोडिटी रूल्स, 2011 के अंतर्गत प्रि- पैकेज्ड वस्तुओं में उपभोक्ताओ को पूरा तौल मिलना सुनिश्चित किए जाने हेतु प्रदेश की मसाले, तेल ,आटा, नमकीन, डेयरीक्रीम, दूध, चायपत्ती आदि उत्पाद प्रीपैक करने वाले मैन्युफैक्चरर पैकर फ़र्मो पर नेट कंटेंट के परिपेक्ष्य में प्रदेश में कुल 26 निरीक्षण किये गये। विधिक मापविज्ञान अधिनियम – 2009 एवं डिब्बा बन्द वस्तुएँ नियम-2011 के अन्तर्गत 26 फर्मों पर निरीक्षण कारवाई की गई। जिनमें से पैकेज्ड कमोडिटी नियम ,2011 के तहत तथा सत्यापन प्रमाण पत्र एवं सत्यापित बाट माप नही पाये जाने पर फर्मो पर प्रकरण दर्ज कर फर्मो के विरूद्ध मौके पर ही नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जाकर 278500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। डिब्बा बंद वस्तुएं नियम के तहत फर्मो के विरूद्ध मौके पर ही नोटिस निरीक्षणों का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सही माप तौल करने के लिये प्रेरित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके मूल अधिकारों के बारे में सूचित किये जाने तथा उपभोक्ता हितों का संरक्षण करना है। किसी भी प्रकार की सेवा एवं वस्तुएं जो राशी देकर प्राप्त की गई है, उन सेवाओं और वस्तुओं की शुद्धता, गुणवता, मानक, मात्रा एवं सही माप तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 एवं 14435 एवं वाट्सएप नं. 7230086030 पर शिकायत की जा सकती है। उपभोक्ता हैल्पलाइन शिकायत दर्ज करने के साथ ही परामर्श सलाह एवं मार्गदर्शन का काम भी करती है।

प्रदेश में नेट कंटेंट के परिपेक्ष्य में प्रीपैकेज्ड कमोडिटी में सही तौल सुनिश्चित करने हेतु 26 फर्मों पर की गई कार्यवाही में शास्ति राशि रुपये 278500/- वसूली
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