कोटा : 26 से शुरू होगा सम्भाग स्तरीय सहकार मेला 2025, मेले के पोस्टर का हुआ विमोचन

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कोटा। संभाग स्तरीय सहकार मेला 26 सितंबर से ग्रामीण हाट बाजार, किशोर सागर तालाब पर आयोजित किया जाएगा। संयुक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर श्री मुरार सिंह जाड़ावत एवं मेला संयोजक अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा श्री बलविंदर सिंह द्वारा मेले के पोस्टर का विमोचन बुधवार को किया गया। मेला संयोजक श्री बलविंदर सिंह गिल ने बताया कि 26 सितम्बर को सायं 7 बजे से गणेश वन्दना के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। गायक कलाकार सावन कुमार एवं अन्य द्वारा देश भक्ति एवं हिन्दी गाने, भजन एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के लोक कलाकारों द्वारा कालबेलिया नृत्य, घूमर, मूमल चकरी नृत्य की प्रस्तुती दी जाएगी। 27 सितम्बर को अपरान्ह 3 बजे से सहकारिता परिवार की प्रतियोगितायें एवं सांय 7 बजे से सरस्वती वन्दना के साथ सहकार परिवार एवं कोटा जिले के स्कूली बच्चों द्वारा गाने, भजन, डांडिया एवं विभिन्न सांस्कृतिक कलाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। 28 सितम्बर को शाम 6 बजे सहकार मेले का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि संभाग स्तरीय मेले में कोटा सम्भाग के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद हस्त शिल्प, कोटा डोरिया, आर्गेनिक खाद्यान्न, मिलेट्स, हस्त निर्मित कलाकृतियां तथा मसालों का विपणन होगा। मेले में सहकारिता के सिद्धांत के आधार पर श्नो प्रोफिट नो लॉसश् पर उत्पादों के बिक्री की व्यवस्था की गई है। मेले में कोटा, बून्दी, बारां व झालावाड़ के सहकारी उपभोक्ता भण्डारों द्वारा न्यूनतम दर पर श्री अन्न, मसाला एवं उपभोक्ता सामग्री की बिक्री की जाएगी। कोटा जिले की सहकारी समितियों द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं शुद्धता से भरपूर न्यूनतम मूल्य पर हस्त निर्मित प्राकृतिक हेयर ऑयल, आंवला एवं आंवला उत्पाद, नमकीन उत्पाद, बासमती चावल, विभिन्न प्रकार के पापड़, कोटा डोरिया साड़ी के आकर्षक परिधान, रजाई, कम्बल, शुद्ध तेल से निर्मित आचार एवं डेयरी उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी। झालावाड़ जिले की सहकारी समितियों द्वारा हस्तनिर्मित कुर्ते, शर्ट, चूड़िया, पेपर, जूट बेग इत्यादि आकृषक कलाकृतियों की जबकि बारां जिले की सहकारी समितियों द्वारा हस्त निर्मित खादी वस्त्र, साबुन शेम्पू, आचार, मसाले, वर्मी कम्पोस्ट,चावल व धनिया की बिक्री की जाएगी। साथ ही, बून्दी जिले की सहकारी समितियों द्वारा निर्मित मखमल पोहा, मखमल चावल, प्राकृतिक शहद, तानसेन चावल, गुलकन्द, गुलाबजल जैसे प्रोडक्ट एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याती प्राप्त चित्रकारों द्वारा बून्दी पेन्टिंग की कलाकृतियों की बिक्री की जाएगी।

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