धौलपुर। जिले में चिकित्सा विभाग ने टीबी रोगी खोज अभियान की शुरुआत हो चुकी। जिसमें विभाग की टीमें घर-घर जाकर टीबी मरीजों की पहचान करेंगी, उनकी जांच कराएंगी और उपचार सुनिश्चित करेंगी। यह अभियान 25 मार्च तक चलेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्म सिंह मीणा ने बताया कि 188 ग्राम पंचायतों में से 101 ग्राम पंचायतों और 39 शहरी वार्डों को अभियान के लिए चिह्नित किया गया है। इसमें स्लम क्षेत्र, कच्ची बस्तियां, ईंट भट्टे और निर्माणाधीन स्थल शामिल हैं, जहां जाकर लोगों की टीबी जांच की जाएगी। अभियान के दौरान शत प्रतिशत आबादी को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
आशा व एएनएम करेंगी डिजिटल स्क्रीनिंग
अभियान के लिए आशा और एएनएम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। वे डिजिटल हेल्थ मोबाइल एप के माध्यम से स्क्रीनिंग करेंगी। इसके जरिए मरीजों के लक्षणों की जांच और रिकॉर्डिंग की जाएगी।
टीबी के लक्षणों पर दें विशेष ध्यान
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह मीणा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह से ज्यादा खांसी, खांसी में खून आना, छाती में दर्द, सांस फूलना, वजन कम होना, अधिक थकान, शाम को बुखार, भूख न लगना और ठंड लगने जैसी समस्याएं हैं, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। यदि किसी को ये लक्षण दिखें तो टीम को जानकारी दें और समय पर उपचार लें। उन्होंने जनता से अपील की है कि जब स्वास्थ्य विभाग की टीमें उनके घर आएं तो सही जानकारी दें और पूरा सहयोग करें। इससे रोगी की जल्द जांच, इलाज शुरू किया जा सकेगा।
जिला व ब्लॉक स्तर पर हो रही है सतत मॉनिटरिंग
अभियान की जिला स्तर पर सीएमएचओ डॉ. मीणा द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। ब्लॉक स्तर पर बीसीएमओ, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, एसटीएस और एसटीएलएस की टीमें अभियान की डेली मॉनिटरिंग कर रही है।
जागरुकता के लिए रैली, नुक्कड़ नाटक और स्कूल एक्टिविटी : टीबी के खिलाफ जागरुकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में एक्टिविटी, रैलियां, नुक्कड़ नाटक और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अभियान के अंत में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला प्रशासन की ओर से एक साल के लिए प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उसके बाद वापस ग्राम पंचायत का मूल्यांकन होगा।
चिकित्सा विभाग घर-घर जाकर करेगा टीबी मरीजों की पहचान
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