जोधपुर। विकसित भारत–जन सेवा अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर शहर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का जिला स्तरीय समारोह रविवार को सूचना केंद्र स्थित जनकवि गणेशीलाल व्यास ‘उस्ताद’ ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर छोटू सिंह, खींवराज जांगिड़, प्रियंका त्यागी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् आशीष कुमार मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, लाभार्थी माताओं, बच्चों तथा विभागीय कार्मिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सिद्धार्थ सांदू के स्वागत एवं परिचयात्मक उद्बोधन से हुआ। समारोह में 11 गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई तथा 6 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। मुख्य अतिथि जोगाराम पटेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सेवाभाव, समर्पण एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें पौधे तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेषित संदेश की फ्रेम भेंट कर सम्मानित किया। स्वस्थ, समृद्ध, पोषित और सशक्त समाज के निर्माण में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य अतिथि जोगाराम पटेल ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल सेवा प्रदान करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, संस्कारित एवं उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाली पहली पाठशाला हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। पटेल ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनें विकसित भारत की कप्तान बनकर घर, समाज, प्रदेश और देश को स्वस्थ, समृद्ध, पोषित एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ बचपन और प्रत्येक मां का विश्वास आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उनके समर्पण और परिश्रम का सम्मान समाज की नई पीढ़ी के निर्माण में उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ पहल का मूल उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से और अधिक सुदृढ़ रूप से जोड़ना है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं संस्कार के लिए जब परिवार, समुदाय और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिलकर कार्य करते हैं, तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सुपोषित एवं स्वस्थ बचपन ही सशक्त समाज और विकसित राजस्थान की मजबूत आधारशिला है।
परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास के प्रति जागरूक होकर आंगनबाड़ी गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान
पटेल ने कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं में तकनीक के प्रभावी उपयोग से योजनाओं की निगरानी तथा लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोषण एवं बाल विकास से जुड़े प्रयास तभी अधिक प्रभावी होंगे, जब परिवार भी इनमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने प्रत्येक परिवार से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं प्रारंभिक शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ एवं सुविधायुक्त बनाने तथा महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं और आमजन के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं, जो योजनाओं की जानकारी से लेकर पात्र लाभार्थियों को सेवाओं से जोड़ने तक महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं।
स्थानीय एवं पौष्टिक आहार की प्रदर्शनी ने दिया संतुलित आहार का संदेश, रंगोलियों में दिखी रचनात्मकता
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कार्यक्रम स्थल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री से तैयार आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में संतुलित आहार, पोषण विविधता तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से संबंधित संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम स्थल पर पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जन-जागरूकता से जुड़े विषयों पर आकर्षक रंगोलियां भी सजाई गईं। विभिन्न रंगों एवं पारंपरिक स्वरूपों के माध्यम से पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के संदेशों को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी गई। प्रदर्शनी एवं रंगोलियों ने कार्यक्रम में जनभागीदारी, रचनात्मकता एवं स्थानीय सहभागिता को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।
निबंध, पोस्टर, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक स्तर पर आयोजित निबंध, पोस्टर, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों एवं समुदाय में पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाल विकास से जुड़े विषयों के प्रति जागरूकता एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनके कार्य के प्रति प्रतिबद्धता, सेवाभाव तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।
‘आंगन मिलन सेवा’ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ने का दिया संदेश
सीईओ जिला परिषद आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत–जन सेवा अभियान के तहत 25 से 27 सितंबर तक आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवार एवं समुदाय से जोड़ना, लाभार्थियों के साथ संवाद को सुदृढ़ करना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी पात्र परिवारों तक पहुंचाना रहा। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता, लाभार्थियों से संवाद, बच्चों एवं माताओं की सहभागिता तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र न मानकर समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वस्थ एवं सशक्त परिवार निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी माताएं एवं बच्चे तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला समन्वयक कानाराम सारण ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं विभागीय कार्मिकों की सक्रिय भूमिका रही।

आंगनबाड़ी बहनें विकसित भारत की कप्तान बनकर कर निभा रही हैं महत्वपूर्ण भूमिका : जोगाराम पटेल
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