कोटा। जिले में मिलेट्स के क्षेत्रफल, उत्पादन, प्रसंस्करण, भोजन की थाली में इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय प्रगतिशील कृषकों, एफपीओ, मिलेट्स पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे उद्यमियों के साथ जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को सूचना केंद्र सभागार में किया गया। कार्यशाला में 109 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
संयुक्त निदेशक कृषि (वि.) अतीश कुमार शर्मा ने कोटा जिले में मिलेट्स के क्षेत्रफल, उत्पादन तकनीक, मिलेट्स का भोजन में महत्वता के बारे में बताया। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 से प्रोत्साहित होकर मिलेट्स की पोषण महत्वता, कम पानी में उत्पादित होने की क्षमता, कीट एवं रोगों से लड़ने की प्रबल क्षमता आदि के बारे में बताया। साथ ही, उपस्थित सभी प्रतिभागियों से मिलेट्स को थाली में अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए अपील की ताकि रक्त की कमी, रोगों के प्रति संवेदनशीलता, पाचन संबंधी विकार आदि से बचा जा सके।
अतिरिक्त निदेशक कृषि (वि.) अशोक कुमार शर्मा ने कोटा संभाग में मोटे अनाजों की स्थिति एवं पश्चिमी राजस्थान की भांति मोटे अनाजों को अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज अत्यन्त गुणकारी हैं। ये हमारे परम्परागत भोजन रहे हैं जिसके लाभ आज भी हमें हमारे पूर्वजों की जीवन शैली एवं उनके स्वास्थ्य में दिखाई देते हैं। उप निदेशक उद्यान नन्द बिहारी मालव ने मोटे अनाजों के प्रसंस्करण, उद्यान विभाग की योजनायों की जानकारी, गुंजन सनाढ्य ने मोटे अनाजों से बनने वाले विभिन्न उत्पादों एवं प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञानं केंद्र नीरज गौड़ ने मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण तकनीक के बारे में जानकारी दी।
कृषि अनुसंधान अधिकारी (शस्य) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि मिलेट्स अन्तर्गत आने वाले बाजरे में चावल से 10 गुना एवं गेहूं से 3.5 गुना ओमेगा-3 वसीय अम्ल, चावल से 2 गुना जिंक होता है। मोटे अनाज पाचक रेशों से भरपूर होते हैं जिनका ग्लायसेमिक इंडेक्स भी अत्यन्त कम होता है। मोटे अनाज मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह आदि से बचाव में अत्यन्त सहायक हैं। साथ ही, ये अत्यन्त कीट एवं रोग प्रतिरोधी होते हैं एवं इसके उत्पादन के लिए अत्यन्त कम जल की भी आवश्यकता होती है।
कार्यशाला में उप निदेशक कृषि (आत्मा) रूचि वर्मा, उमा शंकर शर्मा, राजवीर सिंह, जुगल किशोर सहित 109 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हुई कार्यशाला
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