जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को भेजे गए 16 रोपवे प्रस्तावों में से अभी प्राथमिकता के आधार पर 4 को स्वीकृति मिली है। अन्य प्रस्तावों पर भी आगे विचार किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक अशोक द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र, विशेषकर नोटिफाइड कोर एरिया में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना संभव नहीं होता।पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर रोपवे निर्माण को लेकर वन विभाग के साथ समानांतर रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रणथंभौर क्षेत्र में भी रोपवे के संबंध में प्रयास किए जा रहे हैं।इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य बजट 2022-23 की घोषणा संख्या 107 (23 फरवरी 2022) के तहत बूंदी जिले के हिण्डोली क्षेत्र स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर, आकोदा में रोपवे की डीपीआर तैयार कराने की घोषणा की गई थी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की पर्वतमाला योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा रामेश्वर महादेव मंदिर (बूंदी) सहित प्रदेश के 16 स्थानों पर रोपवे निर्माण के प्रस्ताव 14 फरवरी 2024 को केन्द्र सरकार को भेजे गए थे। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तथा जिला कलक्टर, बूंदी की रिपोर्ट के अनुसार रामेश्वर महादेव मंदिर भैरूपुरा वनखण्ड में स्थित है, जो रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित होने के कारण यहां रोपवे निर्माण से वन्य जीवों और उनके प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, इसलिए इस स्थान पर रोपवे निर्माण संभव नहीं है।
पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच के लिए रोपवे योजनाओं पर काम जारी – उप मुख्यमंत्री
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