जयपुर। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के विस्तार को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने बताया कि केंद्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल एवं कौशल विकास को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। दिसंबर 2025 तक देशभर में कुल 723 ईएमआरएस स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 499 विद्यालय वर्तमान में कार्यशील हैं। राजस्थान राज्य में 31 ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं और सभी कार्यशील हैं, जो प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देशभर में 42 ईएमआरएस का उद्घाटन किया गया, जिनमें आंध्र प्रदेश में 2 और तेलंगाना में 4 विद्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही 50 ईएमआरएस की आधारशिला रखी गई। राजस्थान में इस अवसर पर 3 ईएमआरएस का उद्घाटन किया गया। उन्होंने बताया कि ईएमआरएस में शिक्षा एवं खेल सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, खेल उपकरण, स्मार्ट क्लास, इंटरनेट सुविधा, संगीत व कला कक्ष, तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर (एईई) कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 298 ईएमआरएस विद्यालयों में कंप्यूटर विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक फाउंडेशन के माध्यम से “आवर ऑफ कोड”, कोड-ए-थॉन तथा इंटरैक्टिव मॉड्यूल्स द्वारा छात्रों को प्रोग्रामिंग एवं समस्या समाधान कौशल सिखा रहा है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समाज के बच्चे आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं

ईएमआरएस के विस्तार से जनजातीय छात्रों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ :– मदन राठौड़
ram


