धौलपुर। भारत सरकार के निर्देशानुसार 26 दिसम्बर को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया।
इस सम्बन्ध में विभाग के उपनिदेशक भूपेश गर्ग ने बताया कि वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है। इन साहिबजादों ने मुगल शासकों के अत्याचारों का सामना किया और अपनी जान की परवाह किए बिना अपने धर्म और मान्यताओं के लिए लड़ते रहे।
बच्चों में नैतिकता, साहस की प्रेरणा हेतु केंद्र नरपुरा पर बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इस सम्बंध में सहायक लेखाधिकारी मांगीलाल आर्य ने बच्चों को प्रेरणादायी कहानी सुनाते हुए कहा कि वीर बाल दिवस का महत्व यह है कि यह हमें साहस, बलिदान और धर्म के प्रति निष्ठा की सीख देता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे धर्म और मान्यताओं के लिए लड़ना और अपनी जान की परवाह किए बिना अपने सिद्धांतों के लिए खड़े रहना कितना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी भगवान सिंह, वरिष्ठ सहायक अंकुर शर्मा, जेंडर स्पेशलिस्ट कनुप्रिया कौशिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सविता, सहायिका रेखा उपस्थित रहीं।

वीर बाल दिवस का आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुआ आयोजन
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