केन्द्रीय बजट 2026—27 बजट भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लूप्रिंट -उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

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जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि केन्द्रिय बजट 2026—27 भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लूप्रिंट है, बजट का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना, दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना, तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न को साकार करना है। कर्नल राज्यवर्धन ने सोमवार को करौली कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय बजट 2026—27 को लेकर प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रेस वार्ता में उद्योग मंत्री ने केन्द्रीय बजट 2026—27 की प्रमुख विशेषताओं, सरकार की विकास प्राथमिकताओं तथा जनकल्याण से जुड़े प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026—27 हर नागरिक के सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट है। यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी के सशक्तीकरण की स्पष्ट दिशा दिखाता है। कर्नल राज्यवर्धन ने बताया कि 2026 में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है, वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। युवाओं के लिए अवसर सृजन हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इसमें युवा महिलाओं की भूमिका केंद्रीय है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी में युवाओं को प्रशिक्षित कर भारत भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार कर रहा है। स्वास्थ्य के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य या बहुत कम कर दिया गया है। मिडल क्लास परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। अब कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए अफसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। एक ऑटोमैटिक और नियम आधारित सिस्टम के जरिए यह काम आसान हो जाएगा। इससे मध्यम वर्ग के लोगों को काफी लाभ होगा। एलआरएस के तहत मिडल क्लास परिवारों के लिए विदेश घूमना और बच्चों को बाहर पढ़ाना अब सस्ता होगा। विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे माता-पिता की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने बताया कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा। महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वी.जी.एफ. और पूंजीगत सहायता के माध्यम से देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। इससे महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर जाने में मदद मिलेगी। एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड घोषित किया गया है, जो महिलाओं के लिए इक्विटी सपोर्ट प्रदान करेगा। कर्नल राज्यवर्धन ने बताया कि बजट 2026—27 में हेल्थ केयर सिस्टम की मजबूती को ऐलान किया गया। इसे लेकर वित मंत्री ने ऐलान किया कि आगामी 5 सालों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देने का भी ऐलान किया गया है साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए यह बजट अत्यंत सकारात्मक है। भारत-विस्तार नामक बहुभाषीय एआई टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों को तकनीक से जोड़ा जाएगा। उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देते हुए नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है। बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसी दिशा में पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू किए जाने का प्रावधान किया गया है। 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना का विस्तार किया गया है। बजट 2026-27 में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मछली पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। यह कदम जल संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और पोषण सुरक्षा-तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधता है। कर्नल राज्यवर्धन ने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण पर सरकार का पूरा जोर है। सरकार ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिए 22,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अब इसे बढ़ाकर 40 हजार करोड़ करने का प्रस्ताव करते है। इस बजट का एक प्रमुख और दूरगामी प्रावधान देशभर में 30 रासायनिक पार्कों का निर्माण है। यह पहल केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक केमिकल वैल्यू-चेन का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

स्वास्थ्य को सशक्त करने वाला बजट
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा को सुहढ़ करने के लिए बायोफार्मा शक्ति के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एनआईपीईआर संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा। मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उत्तर भारत में निमहंस-टू की स्थापना और रांची व तेजपुर के संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा। 17 दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगा। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा। देश की सुरक्षा को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रक्षा इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए आयातित कच्चे माल पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, असैनिक और प्रशिक्षण विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जी पर भी शुल्क में रियायत दी गई है। यह कदम घरेलू रक्षा विनिर्माण और विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा

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