जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार और मृत्यु पर 5 लाख रुपए की सहायता दी जाती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा प्रदेश भर में 27.61 लाख चालान बनाये गये हैं। जिसमें तेज गति के 12.06 लाख, बिना हेलमेट 5.23 लाख, बिना सीट बेल्ट के 1.96 लाख, नशे में वाहन चलाने के 69 हजार चालान किये गये। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में 10.13 लाख अधिक चालान बनाये गये हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में परिवहन विभाग द्वारा 6.95 लाख चालान बनाये गये हैं। उन्होंने सदन को बताया कि कोटा जिले में वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा तेज गति के 1 लाख 14 हजार 525, बिना हेलमेट के 19 हजार 360, बिना सीट बेल्ट के 9 हजार 457, नशे में वाहन चलाने के 3 हजार 881 चालान बनाये गये हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में विद्यालयों के आस पास भारी वाहनों और तेज गति के मामलों के संबंध में जिला स्तरीय दल से विशेष चैकिंग कराई जाएगी। उप मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्रीमती कल्पना देवी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति कार्यरत है, जिसकी नियमित बैठकों में जिले से संबंधित सड़क सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक निर्णय लिए जाते हैं। इसी प्रकार उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में उपखंड स्तर पर भी सड़क सुरक्षा समितियां गठित हैं, जो स्थानीय स्तर पर दुर्घटना रोकथाम एवं यातायात प्रबंधन से जुड़े विषयों पर कार्य करती हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के सांसद की अध्यक्षता में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति तथा पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में बाल वाहिनी समिति की बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें स्कूल वाहनों की सुरक्षा, यातायात अनुशासन और जन जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से समन्वित प्रयास कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है। इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित स्कीम में सडक दुर्घटना में 3 या 3 से अधिक मृत्यु होने की स्थिति में पुलिस, परिवहन एवं सडक संबंधी विभाग की जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा संयुक्त निरीक्षण किये जाने के प्रावधान है। उन्होंने विगत 3 वर्षों में लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के जिन निरीक्षण किये गए दुर्घटना क्षेत्रों का विवरण सदन के पटल पर रखा। डॉ. बैरवा ने बताया कि लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में विद्यालयों व चिकित्सालयों के आस-पास निर्धारित गति सीमा उल्लघंन के विगत तीन वर्षों (1जनवरी 2023 से दिसम्बर 2025 तक ) में ओवर स्पीड दुर्घटनाओं के कुल 15 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें कुल 16 व्यक्ति घायल व एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। जिला सडक सुरक्षा समिति के माध्यम से प्राप्त होने वाले सडक सुरक्षा संबंधी प्रस्तावों में लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र का कोई प्रस्ताव राज्य सडक सुरक्षा प्रकोष्ठ एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति कोटा को प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से रोड सेफ्टी एक्शन प्लान परिवहन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है।
प्रदेश सरकार राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है- उप मुख्यमंत्री
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