जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच एवं पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सशक्त आधार बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप पंच गौरव योजना के तहत एक जिला–एक पर्यटन स्थल के रूप में चयनित आमेर दुर्ग में सैलानियों के लिए व्यापक सुविधा विस्तार कार्य तेजी से प्रगति पर है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन जयपुर द्वारा पर्यटन विभाग एवं संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आमेर दुर्ग में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके। अतिरिक्त जिला कलक्टर विनीता सिंह ने बताया कि आमेर दुर्ग प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है, जहां प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक भ्रमण के लिए आते हैं। पर्यटकों की सुविधा और विरासत संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा पंच गौरव योजना अंतर्गत 89 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। महिला पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मानसिंह महल एवं दीवाने-आम में बेबी फीडिंग रूम का निर्माण किया जा रहा है। दलाराम बाग एवं रामबाग के फव्वारों तथा रपटों के नियमित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे परिसर की सुंदरता और आकर्षण में वृद्धि होगी। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को व्यवस्थित एवं संरक्षित करने के उद्देश्य से माधोसिंह थान की ओर बड़ी पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सम्पूर्ण महल परिसर में सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा लीकेज एवं सीपेज से ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखा जा सकेगा। रात्रिकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सुख निवास एवं मानसिंह महल में सौम्य प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है ताकि पर्यटक शाम के समय भी दुर्ग की भव्यता का आनंद ले सकें। साथ ही सनसेट प्वाइंट एवं कपल वेडिंग फोटो साइट का विकास कर आमेर को आकर्षक पर्यटन एवं डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार, ब्रांडिंग एवं विपणन गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 में आमेर दुर्ग एवं सम्पूर्ण आमेर कस्बे में डिजिटल म्यूजियम, आधुनिक साइनेज, उन्नत लाइटिंग एवं सुव्यवस्थित पार्किंग जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं के विकास हेतु 50 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है, जिससे आमेर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान मिलेगी। डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता, समयबद्धता एवं विरासत संरक्षण के मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि आमेर दुर्ग का समग्र विकास न केवल पर्यटन राजस्व में वृद्धि करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, हस्तशिल्प, गाइड सेवा, परिवहन एवं अन्य पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा। पंच गौरव योजना के माध्यम से जयपुर जिले की ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण, संवर्धन एवं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विकास सुनिश्चित हो रहा है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल सिद्ध होगा।

पंच गौरव योजना से निखर रहा आमेर का पर्यटन वैभव, सैलानियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर पर्यटन विकास को मिल रही नई गति
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