सरकार ने महामहिम से असत्य बुलवाने का पाप किया: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली

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जयपुर राजस्थान विधानसभा में आज पेश किए गए राज्यपाल के अभिभाषण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे “निराशाजनक और दिशाहीन” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह अभिभाषण सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश है और सरकार ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए राज्यपाल से असत्य बुलवाने का प्रयास किया है।नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस वार्ता में सरकार को घेरते हुए प्रमुख बिंदु मीडिया के सामने रखे।

पेपर लीक पर वाहवाही, OMR घोटाले पर चुप्पी
उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि पेपर लीक नहीं हुए, लेकिन अभिभाषण शुरू होने से ठीक पहले सामने आए OMR शीट घोटाले पर सरकार और राज्यपाल दोनों ने चुप्पी साधे रखी। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

खेल और खिलाड़ियों का अपमान
जूली ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ का जिक्र तो किया गया, लेकिन यह एक फ्लॉप शो था जहां रेस में बच्चे अकेले दौड़ते नजर आए। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के ‘राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक’ में 30 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था। जोधपुर में हमारी सरकार द्वारा तैयार ‘स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट’ को द्वेष भावना के चलते शुरू नहीं किया जा रहा है।

शिक्षा और रोजगार: वादे बनाम हकीकत
भाजपा ने एक साल में रिक्त पद भरने का वादा किया था, लेकिन आज भी स्कूलों में 1 लाख से अधिक पद खाली हैं। झालावाड़ के स्कूलों की स्थिति दयनीय है। निशुल्क ड्रेस योजना में राशि 1200 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दी गई है और इसे केवल SC/ST तक सीमित कर दिया गया है। भरतपुर और डीग जिलों में बालिकाओं को कबाड़ साइकिलें बांटी गई हैं और इस साल की स्कूटी का वितरण अब तक नहीं हुआ है।

किसान: लाठियां और धोखा
किसान सम्मान निधि: 12 हजार रुपये का वादा था, लेकिन मिल रहे हैं सिर्फ 9 हजार रुपये।
खाद की किल्लत: यूरिया और डीएपी दुकानों के बजाय पुलिस थानों में बंट रहा है। किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ीं और जबरन नैनो यूरिया थमाया गया।
मुआवजा: 2023 और 2024 के फसल खराबे का मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
बिजली कांग्रेस सरकार ने 18 जिलों में दिन में बिजली देना शुरू किया था, यह सरकार 2 साल में केवल 4 जिले बढ़ा पाई है। गांवों में अघोषित कटौती जारी है।

राइजिंग राजस्थान’ और निवेश के हवाई दावे
सरकार 35 लाख करोड़ के एमओयू का ढोल पीट रही है, लेकिन खुद मान रही है कि काम केवल 8 लाख करोड़ पर शुरू हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने पूछा, “बाकी 27 लाख करोड़ के एमओयू का क्या हुआ? क्या वो केवल हवाई बातें थीं?” प्रवासी राजस्थानी दिवस भी पूरी तरह फीका रहा और प्रवासी नाराज होकर लौटे।

चिकित्सा व्यवस्था ‘वेंटीलेटर’ पर
जूली ने कहा कि सरकार ने ‘चिरंजीवी योजना’ की न केवल नाम बदला बल्कि उसकी आत्मा मार दी है। अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री टीबी मुक्त राजस्थान की बात करते हैं, लेकिन SMS अस्पताल में किट न होने से 3 महीने से टीबी की जांच बंद पड़ी है।आंगनबाड़ी और स्कूलों में बंट रहे दूध की गुणवत्ता लगातार खराब मिल रही है।

लोकतंत्र और सुशासन का संकट
ग्राम स्वराज की बातें करने वाली सरकार पंचायतों के चुनाव नहीं करवा रही है। पंचायतीराज और नगरीय निकाय ‘ठेके’ पर चल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के बजाय काटे जा रहे हैं। जल जीवन मिशन पूरी तरह पिट चुका है; 20 लाख के वादे के मुकाबले 2 लाख नल भी नहीं लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार केवल नई-नई नीतियां ला रही है, लेकिन उन्हें लागू करने की नीयत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभिभाषण पर होने वाली चर्चा के दौरान विपक्ष विस्तार से सरकार की पोल खोलेगा।

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