मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कृषक कल्याण का ध्येय हो रहा साकार

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बालोतरा। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की खुशहाली को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। कृषि और पशुपालन को सशक्त बनाने हेतु सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम राज्य के हर कोने में देखने को मिल रहे हैं। सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यशैली का परिणाम है कि किसानों को न केवल राहत मिली है, बल्कि उनकी आमदनी बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के प्रयास भी सफल हो रहे हैं।
राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 तक 30 लाख किसानों को 16,781 करोड़ रुपये का व्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया है। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के समानांतर राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत किसानों को अतिरिक्त 2,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1,357 करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में सीधे हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने गोपालकों को सहायता देने के लिए राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना लागू की है, जिसके तहत 24,000 से अधिक गोपालक परिवारों को 1 लाख रुपये तक का व्याज मुक्त ऋण दिया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 1 करोड़ 2 लाख 84 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा कर 3 करोड़ 56 लाख 40 हजार पॉलिसियां बनाई गई और 2,699 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम वितरित किए गए। किसानों को 25 लाख 51 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 6 लाख 84 हजार मीट्रिक टन डीएपी भी उपलब्ध कराया गया।
राज्य सरकार ने 263 करोड़ रुपये के अनुदान से 3,266 डिग्गियां, 18,813 फार्म पॉन्ड और 12,400 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन का निर्माण कराया है। 17,237 किलोमीटर क्षेत्र में तारबंदी कर 190 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। साथ ही, 33 लाख 88 हजार महिला कृषकों को 70 करोड़ रुपये की लागत से निःशुल्क बीज मिनी किट वितरित की गई है। राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से कृषि से जुड़ी योजनाओं की सम्पूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बना दिया गया है। भारत सरकार ने इस पोर्टल को ई गवर्नेस स्कीम में गवर्नमेंट प्रोसेस री इंजीनियरिंग फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन श्रेणी में सिल्वर अवॉर्ड प्रदान किया है। इसके अलावा, किसानों को ऑनलाइन माध्यम से 40 योजनाओं का लाभ घर बैठे मिल रहा है। 13,879 खुदरा उर्वरक विक्रय केंद्रों पर प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 45,557 हेक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा संयंत्र और 30,320 हेक्टेयर में बूंद-बूंद सिंचाई की व्यवस्था की गई है।
राज्य में 1,58,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्रीन हाउस और 28,000 वर्ग मीटर में शेडनेट हाउस बनाए गए हैं। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 21,932 सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाए गए हैं, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और सतत ऊर्जा मिल रही है। कृषकों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए ई-नाम योजना के तहत 166 मंडियों को जोड़ा गया है। राज्य की नवगठित 21 मंडी समितियां भी इससे जुड़ चुकी हैं। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर ट्रांजेक्शन की संख्या के आधार पर राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। फल-सब्जी पर कृषक कल्याण शुल्क 2 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत और अन्य कृषि जिंसों पर 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। गुड़ और चीनी पर मंडी शुल्क में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की गई है।
पंजीकृत गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और 2024-25 में 3,043 गौशालाओं को 700 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। पशु चिकित्सा सेवा को सुलभ बनाने के लिए 1962 हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है, जिसके माध्यम से 30 लाख पशुओं का उपचार किया गया है। राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और गिरदावरी की ऑनलाइन सुविधा दी जा रही है। जमाबंदी, खसरा, गिरदावरी की प्रतियां अब ऑनलाइन प्राप्त हो रही हैं। किसान गिरदावरी और राज-खसरा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किसानों ने स्वयं 3 लाख से अधिक खेतों की गिरदावरी की है। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत उपग्रह छायाचित्रों की मदद से नया डिजिटल भू-अभिलेख तैयार किया जा रहा है। नवीन डिजिटल रिकॉर्ड का कार्य प्रगति पर है। प्रथम चरण में 11 जिलों में यह कार्य शुरू किया गया है। आमेट, उनियारा, सिवाना और पीपाड़ सिटी तहसीलों का नया रिकॉर्ड आमजन को समर्पित किया जा चुका है।
राजस्थान सरकार किसानों की हर आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का संचालन कर रही है। पारंपरिक खेती को तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जोड़ते हुए यह सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

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