ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहला बड़ा रक्षा साैदा, ताइवान के लिए 33 कराेड़ डालर का हथियार सौदा

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वाशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को ताइवान के लिए 33 कराेड़ डालर के महत्वपूर्ण हथियार सौदे को मंजूरी दे दी। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहला बड़ा रक्षा सौदा है। यह सौदा एफ-16 लड़ाकू जेट के लिए स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत और सहायक उपकरणों से जुड़ा है, जो ताइवान की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह जानकारी दी। डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) के मुताबिक यह सौदा ताइवान की “रक्षा स्वतंत्रता” को बढ़ावा देगा। यह अनुमोदन ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया में हुई मुलाकात के बाद आया है, जहां व्यापार सौदे पर चर्चा हुई थी। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के मुताबिक , “यह सौदा ताइवान जलडमरूमध्य में क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा।” ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इसे “महत्वपूर्ण कदम” बताते हुए कहा कि इससे एफ -16 ए/बी विमानों के रखरखाव की क्षमता में बढ़ाेतरी हाेगी। हालांकि, चीन ने इस सौदे की कड़ी निंदा की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “यह सौदा चीन की संप्रभुता का घोर उल्लंघन है और इससे ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ेगा।” चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी कि यह “एक चीन” नीति के विरुद्ध है। ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत यह सौदा एशिया-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने का प्रयास है। यह सौदा पिछले साल ताइवान के लिए मंजूर दाे अरब डालर के एफ-16 विमानों की बिक्री के बाद आया है, जो ताइवान की वायुसेना को आधुनिक बनाएगा।

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