मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा प्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र

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बालोतरा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में इस महत्वपूर्ण सेक्टर के तीन आयामों-उत्पादन, वितरण एवं प्रसारण के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। बजट घोषणाओं से स्पष्ट है कि बीते एक साल में राजस्थान सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट बनाने के संकल्प की क्रियान्विति में मजबूती से आगे बढ़ी है।
बजट में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने की दिशा में दूरदर्शी प्रस्ताव किए गए हैं। इसके अन्तर्गत मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभान्वित परिवारों को चरणबद्ध रूप से निःशुल्क सोलर प्लांट्स लगाकर प्रतिमाह 150 यूनिट बिजली निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा सम्मिलित है। इससे प्रदूषण रहित बिजली के उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। लोग पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रेरित हो सकेंगे। अल्प आय वर्ग के परिवारों को इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष प्रावधान राज्य सरकार ने बजट के माध्यम से किए हैं। अब इस वर्ग के ऐसे परिवार, जिनके घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर स्थापित किए जा सकेगे।
इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों के साथ अधिक दर पर बिजली की बैंकिंग व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है। इस व्यवस्था की खामियों के कारण वर्ष 2024 के गर्मी के सीजन में पीक डिमांड को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त प्रयास करने पड़े थे। ऐसे समय में, जबकि प्रदेश में ऊर्जा की आवश्यकता थी, प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा की गई बैंकिंग के कारण उन राज्यों को बिजली लौटाना राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी। अब इस व्यवस्था को समाप्त करने की मंशा सरकार ने बजट के माध्यम से व्यक्त की है।
उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी बेहतर सेवाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में 50 हजार नए कृषि कनेक्शन तथा 5 लाख नए घरेलू कनेक्शन प्रदान करने की घोषणा सरकार ने बजट में की है। प्रदेश के विकास के लिए बिजली का निरन्तर उत्पादन बढ़ाना सरकार की कार्ययोजना का महत्वपूर्ण बिन्दु है। इसी के दृष्टिगत आगामी वित्त वर्ष में 6,400 मेगावाट बिजली के अधिक अतिरिक्त उत्पादन, 5,700 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन के कार्य हाथ में लेने, निजी क्षेत्र के माध्यम से आगामी वर्ष में 10 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन प्रारंभ करने तथा 10 गीगावाट के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की घोषणाएं बजट में सम्मिलित हैं।
प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए आगामी वित्त वर्ष में 180 नए ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव बजट में किया गया है। इसके अन्तर्गत 765 केवी का एक, 400 केवी के पांच, 220 केवी के 13, 132 केवी के 28 तथा 33/11 केवी के 133 ग्रिड सब स्टेशन के निर्माण तथा विद्युत लाइनों के विस्तार के कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेशवासियों को बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में रबी-2025 के लिए विद्युत वितरण की पीक डिमांड की आपूर्ति में बढ़ोतरी कर 20 हजार 750 मेगावाट बिजली की आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में की गई बजट संबंधी घोषणाओं से प्रदेश में बिजली के उत्पादन, वितरण एवं प्रसारण तंत्र को मजबूती मिलेगी और आम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के साथ बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

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