नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि इजरायल अपने ग्रेटर इजरायल के विजन आगे बढ़ा रहा है और फिलिस्तीनी राज्य की किसी भी संभावना को समाप्त कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सच बोलने और इस पर आवाज उठाने का साहस नहीं है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज ईरान पर अमेरिका-इजरायल की हवाई बमबारी और ईरान की जवाबी कार्रवाई का 28वां दिन है। पिछले चार हफ्तों में, जब दुनिया की नजर होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिकी रही, तब इजरायल ने गाजा के लोगों पर अपनी क्रूर कार्रवाई जारी रखी, दक्षिणी लेबनान में अपने लिए एक बड़ा बफर जोन बनाने की कार्रवाई शुरू की और वेस्ट बैंक के अपने कब्जे को स्थायी नियंत्रण में बदलने के लिए निर्णायक कदम उठाए।” उन्होंने आगे लिखा, “पश्चिम एशिया में चल रहा मौजूदा युद्ध इजरायल को अपने ग्रेटर इजरायल के विजन को आगे बढ़ाने और फिलिस्तीनी राज्य की किसी भी संभावना को समाप्त करने का कवर दे रहा है।”
इसी बीच, जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले महीने की इजरायल यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “ईरान पर अमेरिका-इजरायल की बमबारी पीएम मोदी के इजरायल से लौटने के ठीक दो दिन बाद शुरू हुई, लेकिन जिस बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, वह यह है कि उनके वहां पहुंचने से कुछ ही दिन पहले इजरायली कैबिनेट ने 1967 के बाद पहली बार कब्जे वाले वेस्ट बैंक के लगभग आधे हिस्से में भूमि पंजीकरण को मंजूरी दी थी।”
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, “इससे लाखों फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से बेदखल होना पड़ेगा। लेकिन पीएम मोदी में अपने मित्र बेंजामिन नेतन्याहू से सच बोलने और इस पर आवाज उठाने का साहस नहीं है।”

केंद्र सरकार में बेंजामिन नेतन्याहू से सच बोलने और आवाज उठाने का साहस नहीं: जयराम रमेश
ram


