बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्रामीण स्तर पर कार्मिकों के दल गठित

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बूंदी। अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अवसरों पर समाज में बाल विवाह की कुरीति की रोकथाम के लिए जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अक्षय गोदारा ने आदेश जारी कर ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के दलों का गठन किया है। ग्रामीण स्तर पर गठित दल में संबंधित जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, वार्ड पंच, स्कूल के प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य, शिक्षक, भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारी, ग्राम सेवक, कृषि पर्यवेक्षक, महिला पर्यवेक्षक, महिला सुरक्षा सखी, एएनएम, जीएनएम, राजकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, संरक्षण अधिकारी महिला अधिकारिता,आशा सहयोगिनी को शामिल किया गया है।

आदेशानुसार गठित दलों में शामिल कार्मिक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमण करेंगे और यह ध्यान रखेगें कि कोई बाल विवाह सम्पन्न नही होने पावें। गाँव में किसी प्रकार की रंगाई पुताई हुई हों, किन्हीं बच्चे-बच्चियों ने मेहन्दी लगा रखी हों, बच्चे स्कूल से अनुपस्थित चल रहे हों, किसी परिवार ने बैण्ड, ढोल, जीप, पण्डित, बस या अन्य कोई वाहन आदि बुक कर रखे हो तो भ्रमण के दौरान पता लगाकर यह सुनिश्चित करेगें कि प्रस्तावित विवाह नाबालिग बच्चों का तो नहीं है। यदि पूर्व में यह स्पष्ट हो जावें कि प्रस्तावित विवाह नाबालिग बच्चों का है तो तत्काल ही संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट/कार्यपालक मजिस्ट्रेट (तहसीलदार) अथवा निकटतम पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना देगें। सम्बंधित अधिकारी सूचना प्राप्त होने पर बाल विवाह को तत्काल रोकने की कार्यवाही करेंगे। साथ ही संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा प्राप्त कर नाबालिग बच्चों के बाल विवाह करने वाले आयोजकों, अभिभावकों, माता पिता को पाबन्द करावेगें।

आदेशानुसार उपखण्ड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं संबंधित थानाधिकारी भी अपने अपने क्षेत्र के लिए पूर्णतया जिम्मेदार रहेगें। उनके क्षेत्राधिकार में कोई बाल विवाह सम्पन्न न होने पावें। उपखण्ड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं थानाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर संबंधित गांव में दल के कार्मिकों से सम्पर्क कर सम्पन्न होने वाले विवाहों के संबंध में सूचना प्राप्त कर तद्नुसार कार्यवाही करेगें। यदि किसी क्षेत्र में बाल विवाह की घटना दृष्टिगोचर हुई तो संबंधित उक्त कार्मिक एवं उस क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, विकास अधिकारी के विरूद्ध भी जवाबदेही निर्धारित कर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

आदेशानुसार संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट देवउठनी एकादशी एवं अन्य अवसरों के मध्यनजर शीघ्रातिशीघ्र ही अपने-अपने कार्यालय में उपखण्ड स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेंगे। उक्त नियंत्रण कक्ष बाल विवाह से संबंधित प्राप्त शिकायतों, सूचना के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही सम्पादित करेंगे। नियुक्त कार्मिक बाल विवाह से संबंधित पंजिका का भी संधारण करेंगे तथा बाल विवाह से संबंधित कोई भी सूचना प्राप्त होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी को त्वरित आवश्यक कार्यवाही हेतु अवगत कराएंगे।

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