जयपुर। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शनिवार को प्रदेश के 12 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर, कोटा सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। वहीं, शुक्रवार को प्रदेश में कड़ाके की सर्दी और सर्द हवाओं से कुछ राहत मिली।
उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवा के कमजोर पड़ने और दिन में तेज धूप निकलने के कारण न्यूनतम व अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई।
जोधपुर, जालोर, पाली और बाड़मेर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। प्रदेश में दिन का सबसे अधिक तापमान पाली में 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
दोपहर बाद उदयपुर और कोटा संभाग के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिला।
पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से आसमान में हल्के बादल छा गए। हालांकि, बीते 24 घंटों में जयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली।
कोटा में न्यूनतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को यहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सुबह से हल्के बादल छाए हुए हैं।
उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवा के असर में कमी आने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, जयपुर, पिलानी, फतेहपुर और दौसा समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री तक बढ़ा है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 4.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया। हवा कमजोर रहने से सुबह-शाम की कड़ाके की सर्दी से भी लोगों को कुछ राहत मिली।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शनिवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान पर सक्रिय होगा। इसका असर 31 जनवरी और एक फरवरी को पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों में देखने को मिलेगा। इस दौरान उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे तथा कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ जिलों में ऑरेंज और कुछ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ सर्दी का दौर फरवरी में भी जारी रहेगा। 31 जनवरी से तीन फरवरी के बीच नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश, ओलावृष्टि और हवा में नमी बढ़ेगी। इसके बाद 6–7 फरवरी, 9–10 फरवरी और 11–15 फरवरी के बीच भी अलग-अलग चरणों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रह सकते हैं।



