अलवर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान, श्रमिक, पशुपालक सहित समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार स्वयं पात्र लाभार्थियों तक पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
मुख्यमंत्री रविवार को रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बहाला में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अलवर शहर के लिए 152 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, आधारभूत ढांचा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में ही देश की आत्मा बसती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव खुले में शौच से मुक्त हो रहे हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को पक्के मकान मिल रहे हैं और जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी कानून के तहत ग्रामीणों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इस योजना में आधुनिक तकनीक और पूर्ण पारदर्शिता के साथ मजदूरी सीधे श्रमिकों के खातों में पहुंचेगी। स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से गांवों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि इस कानून में नरेगा की खामियों को दूर किया गया है और यह विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश में 1800 से अधिक ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से एक लाख 34 हजार से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड, 65 हजार से ज्यादा स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं, जबकि 37 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा करीब 6.5 लाख पशुओं का उपचार किया गया है और पीएम सूर्य घर योजना के तहत 36 हजार से अधिक पंजीकरण किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत नौ हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की गई है, जिससे पशुओं का पंजीकरण और त्वरित स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि एक लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 के लिए एक लाख सरकारी पदों का भर्ती कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है और सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ हुई हैं। साथ ही, नई युवा नीति के तहत युवाओं को बिना ब्याज ऋण देकर उन्हें रोजगार प्रदाता बनाया जाएगा।
केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से डेयरी, सौर ऊर्जा और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने अलवर में 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित साढ़े पांच लाख लीटर क्षमता की डेयरी परियोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अलवर जिले को रामजल सेतु लिंक परियोजना, महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, जलापूर्ति योजनाएं और कन्या महाविद्यालय जैसी कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्राम उत्थान शिविर में 12 विभागों की स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, प्रमाण पत्र वितरित किए तथा चार विशेष योग्यजनों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर प्रदान की। कार्यक्रम में विधायक महंत बालकनाथ, जसवंत सिंह यादव, सुखवंत सिंह, रमेश खींची सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



