संजय राउत ने ‘उद्धव सेना’ को ‘सोनिया सेना’ बना दिया : शहजाद पूनावाला

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने देश की अर्थव्यवस्था, पश्चिम बंगाल की राजनीति और राम मंदिर स्थित रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के साथ कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। शहजाद पूनावाला ने आईएएनएस से कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत की अर्थव्यवस्था अब जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। भारत 11वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुंचा है और अब देश की अर्थव्यवस्था 4.18 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अगले ढाई से तीन वर्षों में भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत इस समय 8.2 प्रतिशत की तेज विकास दर से आगे बढ़ रहा है।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और सांसद संजय राउत पर हमला बोलते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की आत्मा आज जरूर दुखी होती होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत ने ‘उद्धव सेना’ को ‘सोनिया सेना’ बना दिया।
उन्होंने कहा कि जो पार्टी कभी हिंदुत्व की शेरनी मानी जाती थी, आज वह सेक्युलरिज्म का शिकार बन गई है। बालासाहेब ठाकरे के भाषणों से यह समझ में आता है कि उन्होंने कैसे 17 मिनट में विवादित ढांचा गिरवाया और राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि आज उद्धव ठाकरे ‘जय श्री राम’ के विरोध में खड़े नजर आते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में ‘मां, माटी, मानुष’ कहीं नजर नहीं आते। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था हावी हो चुकी है।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि केंद्र सरकार घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाने का दबाव बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब, गुजरात और असम जैसे राज्यों में अवैध प्रवासी नहीं आते, लेकिन बंगाल में 400-450 किलोमीटर लंबी बीएसएफ बाड़ के लिए जमीन नहीं दी जा रही है।
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर शहजाद पूनावाला ने इसे बेहद पावन और ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह वही सपना था, जिसका हिंदू समाज 500 वर्षों से इंतजार कर रहा था। भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, रामलला को उनका मंदिर मिला, मंदिर पर ध्वज फहराया गया, और सदियों की तपस्या पूरी हुई।

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