‘आत्म–निर्भर’, ‘उन्नत’, और ‘विकसित भारत’ का रोड मैप

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15 अगस्त को सभी देशवासियों ने आजादी की 78 वीं वर्षगांठ या यूं कहें कि 79 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 12वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न घोषणाएं की हैं, यह काबिले-तारीफ है। कहना ग़लत नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 (भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस) को लाल किले से ‘विकसित भारत’ के संकल्प के तहत कई नई घोषणा-युक्त पहलें करके ‘विकसित भारत’ का ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया है। बहरहाल, पाठकों को बताता चलूं कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने लाल किले से 17 बार देश को संबोधित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अब तक का सबसे लंबा, 103 मिनट का भाषण दिया जो, भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा भाषण है। यह भाषण इसलिए अनुकरणीय है, क्योंकि इसमें जो घोषणाएं शामिल हैं, उनकी आज हमारे देश को बहुत जरूरत है। गौरतलब है कि शुक्रवार(15 अगस्त 2025 को) को 1 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की घोषणा की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस योजना से देश में 3.5 करोड़ रोज़गार का निर्माण होगा। जानकारी के अनुसार यह योजना नवनियोजित युवाओं को दो किस्तों में 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन और नौकरी के अवसरों को सृजित करने के लिए नए कर्मचारी के लिए नियोक्ताओं को 3000 प्रति माह तक प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो एक लाख करोड़ रुपये की योजना ‘प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की बात कही गई है। इसके तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को पंद्रह हजार रुपये मिलेंगे साथ ही कंपनियों को अधिक रोजगार देने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इतना ही नहीं, भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने से लेकर जेट इंजन बनाने तक, वर्ष 2047 तक दस गुना परमाणु ऊर्जा विस्तार अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी योजनाएं हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इन योजनाओं को लेकर संदेश स्पष्ट था कि भारत अपना भाग्य स्वयं परिभाषित करेगा, अपनी शर्तें स्वयं निर्धारित करेगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखेगा। कहना ग़लत नहीं होगा कि सुदर्शन चक्र अभियान की घोषणा आज के समय में विशेष मायने रखती है। आज सीमाओं पर भारत की चुनौतियां पहले की तुलना में बहुत बढ़ गई हैं। ऐसे में भारत द्वारा अपने राष्ट्रीय सुरक्षा कवच के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण के लिए भविष्य में(वर्ष 2035 तक) सुदर्शन चक्र नामक मिशन की शुरूआत भारत को विकसित व सशक्त राष्ट्र बनाने में बहुत ही अहम् साबित होगा। यहां पाठकों को बताता चलूं कि सुदर्शन चक्र’ नामक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच के तहत एक शक्तिशाली हथियार प्रणाली विकसित की जाएगी दुश्मनों के हमलों को रोकने के साथ ही उन पर निर्णायक प्रहार भी करेगी। विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मेड इन इंडिया(आत्मनिर्भर भारत के तहत) फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन स्वदेशी होगा। प्रधानमंत्री ने न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहने की बात भी अपने संबोधन में कहीं है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही है कि इस साल के अंत तक बाजार में ‘मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स उपलब्ध हो जाएंगे, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। उन्होंने बताया है कि “नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ की टास्क फोर्स गठित की गई है, जो स्पेस स्टेशन तैयार करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहे हैं। साथ ही इस योजना के तहत सेमीकंडक्टर और मेड इन इंडिया जेट पर भी काम हो रहा है। इतना ही नहीं, अमेरिका टैरिफ चुनौती और व्यापार गतिरोध के बीच पीएम मोदी ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को यह संदेश दिया कि भारत किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा और उनके लिए दीवार बनकर खड़ा रहेगा। क्योंकि, भारत अब आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री ने दिवाली पर नया जीएसटी रिफॉर्म लाने की बात भी कही है, जिसके तहत मौजूदा जीएसटी दरों की समीक्षा की जाएगी। इससे कर का बोझ घट सकेगा और देश की आम जनता को महंगाई से राहत मिल सकेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो जब रोजमर्रा के उत्पादों पर जीएसटी को घटाया जाएगा, तब ही आम जनता को राहत का एहसास होगा। यहां यह भी कहना ग़लत नहीं होगा कि जीएसटी में कमी का देश की आम जनता को काफ़ी समय से इंतजार है। पाठकों को यह भी जानकारी देना चाहूंगा कि एक विशेष टास्क फोर्स भी गठित किया गया है जो इन जीएसटी सुधारों की व्यवस्था में लगेगा। इतना ही नहीं, हाईपावर डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत, देश में हो रहे आबादी के पैटर्न में बदलाव पर अध्ययन करेगी। कहना ग़लत नहीं होगा कि आज के समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवास से निजात पाना बहुत ही जरूरी हो गया है। आज हमारा देश भारत चीन को पछाड़कर दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन चुका है और प्रधानमंत्री ने यह बात कही है कि हमें अपनी भूमि पर किसी भी प्रकार के जनसांख्यिकीय असंतुलन से बचना चाहिए। इसी क्रम में उक्त मिशन की शुरूआत भारत में की जाएगी। अंत में यही कहूंगा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री की रोजगार एवं कर सुधार श्रेणी में रोजगार योजना, जीएसटी सुधार, टास्क फोर्स का गठन, रक्षा एवं सुरक्षा श्रेणी में सुदर्शन चक्र मिशन, सुरक्षा कवच, जेट इंजन आत्मनिर्भरता, ऊर्जा व तकनीकी आत्मनिर्भरता श्रेणी में सेमीकंडक्टर चिप्स, परमाणु ऊर्जा विस्तार, डीपवाटर मिशन,अंतरिक्ष नवाचार श्रेणी के अंतर्गत गगनयान, अंतरिक्ष स्टेशन तथा सामाजिक व राष्ट्रीय हित श्रेणी में जनमिशन, किसानों का संरक्षण, संविधान गौरव ‘आत्म–निर्भर’, ‘उन्नत’, और ‘विकसित भारत’ का एक बहुआयामी, एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप है।

-सुनील कुमार महला

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