शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा: अमृत 2.0, पीएम स्वनिधि एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश

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जयपुर। राज्य में शहरी विकास से संबंधित प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में शनिवार को हुई। बैठक में अमृत 2.0 (अटल मिशन फॉर रीजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन), प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अमृत 2.0 के अंतर्गत विभिन्न जिलों में संचालित सीवर लाइन एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों में हो रही देरी के कारणों की जांच कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण कर कार्यों की वास्तविक भौतिक प्रगति का आकलन करने तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यों में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया । अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत सीवरेज क्षेत्र में कुल 48 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनकी कुल लागत 5950.86 करोड़ रुपये हैं। इनमें से 42 परियोजनाओं के लिए 4652.82 करोड़ रुपये की राशि के कार्यादेश (एलओआई) जारी किए जा चुके हैं। परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अब तक 2047 करोड़ रुपये की राशि शहरी स्थानीय निकायों को जारी की जा चुकी हैं। योजना में लगभग 2522.65 करोड़ रुपये राशि के कार्यों में 54 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। शासन सचिव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वीकृत आवेदनों के ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। बैंकों के पास स्वीकृति हेतु लंबित आवेदनों तथा बैंकों द्वारा लौटाए गए आवेदनों में आवश्यक कमियों को दूर कर शीघ्र दुबारा प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा योजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। जैन ने सामुदायिक शौचालय, सार्वजनिक शौचालय एवं पिंक टॉयलेट्स की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के जिलों की बेहतर रैंकिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किए जाएं। सर्वेक्षण की तैयारियों के तहत आईईसी सामग्री के अधिकतम उपयोग तथा इसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत निर्माणाधीन प्रोसेसिंग प्लांट्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रति सप्ताह बैठकें आयोजित कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर, मुख्य अभियंता अरुण व्यास सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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