जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को पृथ्वीराज ऑडिटोरियम, कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद एवं ग्राम उत्थान शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि नवाचार, ग्रामीण विकास और बजट प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 69 हजार करोड़ रुपये समेकित निधि से व्यय किए जाएंगे। यह गत वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत अधिक है। राज्य की जीडीपी में कृषि बजट की हिस्सेदारी 5.55 प्रतिशत है, जो सरकार की कृषि एवं ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ग्राम-2026 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 2 हजार 770 गिरदावर सर्किलों में ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 31 लाख 57 हजार से अधिक ग्रामीणों ने भाग लेकर केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त किया। शिविरों में विभिन्न योजनाओं के आवेदन-पत्र तैयार करवाए गए तथा पूर्व में दिए गए आवेदनों की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने डच रोज की खेती, खीरा, रंगीन शिमला मिर्च, संरक्षित खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मोती पालन एवं एकीकृत खेती मॉडल अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। किसानों की सफलता की कहानियों ने उपस्थित जनों को प्रेरित किया और मुख्य सचिव ने नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविर केवल योजनाओं का वितरण मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और गांवों के बीच मजबूत संवाद का माध्यम हैं। इससे ग्रामीण सहभागिता बढ़ेगी और राजस्थान के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार होगा। प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि शिविरों में 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा 2 लाख 7 हजार से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। 6,135 से अधिक ग्राम पंचायतों में पॉलीहाउस स्थापना हेतु आवेदन तैयार किए गए। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के अंतर्गत 3,838 किसानों के आवेदनों का निस्तारण किया गया। साथ ही 3,828 किसान विश्राम स्थल निर्माण प्रस्ताव भी तैयार करवाए गए।शासन सचिव पशुपालन, मत्स्य पालन एवं गोपालन डॉ. समित शर्मा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 1 लाख 83 हजार से अधिक पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अलावा 1 लाख 54 हजार क्लासिकल स्वाइन फीवर टीकाकरण, 10 हजार से अधिक कृत्रिम गर्भाधान, 50 हजार फर्टिलिटी किट वितरण तथा 9 लाख 82 हजार पशुओं को प्राथमिक उपचार एवं कृमिनाशक दवाएं दी गईं। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग श्रीमती आनंदी ने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा 10 लाख 24 हजार से अधिक किसानों को ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। 56 हजार किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन प्राप्त हुए तथा 10,209 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापना के प्रस्ताव तैयार किए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव,विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, नाबार्ड व अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।
ग्राम उत्थान शिविरों की समीक्षा बैठक— 31 लाख से अधिक ग्रामीणों तक पहुंची योजनाओं की सौगात
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