जयपुर। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राजस्थान प्रोटेक्टेड एरिया कंजरवेशन सोसायटी (आरपीएसीएस) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरपीएसीएस के सचिव एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) ने आवास पुनर्स्थापन तथा वन्यजीव अवसंरचना विकास के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी दी। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) अप्रैल माह में प्रस्तुत किए जाने की जानकारी भी दी गई। बैठक में बताया गया कि आरपीएसीएस के तहत आक्रामक प्रजातियों को हटाने और प्राकृतिक आवास के पुनर्स्थापन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिला है। संवेदनशील वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया गया है। साथ ही जल संरक्षण एवं आवास सुधार से जुड़े कार्यों में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं, जिससे वन्यजीवों के लिए वर्षभर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। आगामी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में आरपीएसीएस द्वारा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं के माध्यम से संरक्षण से जुड़ी ‘सफलता की कहानियां’ साझा की जाएंगी। आगामी गवर्निंग बॉडी बैठकों में विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि संरक्षण के क्षेत्र में नवीन और नवाचारपूर्ण विचार सामने आ सकें। वन विभाग इन प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा करने के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाएगा। साथ ही एक स्मारक कॉफी टेबल बुक भी प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही वर्तमान नीतियों के अनुरूप ग्राम पुनर्वास कार्यक्रम को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय विश्राम गृहों के नवीनीकरण तथा एक आधुनिक इंटर-प्रिटेशन सेंटर के विकास की भी योजना बनाई गई है, जिससे ईको-टूरिज्म और जन जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफ), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) तथा वित्त एवं वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राजस्थान संरक्षित क्षेत्र संरक्षण सोसायटी (आरपीएसीएस) की समीक्षा बैठक
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